भोपाल. पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्लियामेंट (संसद) अब थिएटर बन गई है. उनका इशारा हो-हल्ला मचाए जाने और मंत्री स्मृति ईरानी की ‘नाटकीयता’ की ओर था. सिब्बल ने मध्यप्रदेश की राजधानी में ‘संविधान और देशभक्ति’ पर आयोजित टॉक-शो में हिस्सा लिया और वहां से कांग्रेस दफ्तर गए. उन्होंने कहा, “पहले हम थिएटर (नाटक) में जो कुछ देखते थे, अब पार्लियामेंट में देखने को मिलता है. संसद वह जगह है, जहां ऐसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, जिससे देश आगे बढ़ सके.”
 
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे हैं. वह अब भी देश के प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि संघ के प्रचारक की तरह ही काम कर रहे हैं. सिब्बल ने कहा, “वह देश के प्रधानमंत्री के नजरिए से नहीं देखे जाएंगे, मुझे इस बात की चिंता है.” 
 
उन्होंने कांग्रेस पर किए जा रहे शाब्दिक हमलों और उपयोग में लाई जा रही ‘भाषा’ पर भी सवाल उठाया और कहा कि देश को आगे बढ़ाना है तो हमें अपने संविधान को अपनाना होगा. साथ ही इस तरह की बयानबाजी को रोकना होगा और देश के हित में काम करना होगा, न कि अपने राजनीतिक लाभ के लिए. 
 
जेएनयू में लगाए गए देश विरोधी नारों के बाद की कार्रवाई को लेकर किए गए सवाल पर सिब्बल ने कहा, “वहां जो कुछ हुआ, वह संविधान के मुताबिक था या नहीं, यह न्यायालय तय करेगा. लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि यूनिवर्सिटी में पुलिस भेजना ठीक नहीं है.”