लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी में जामा मस्जिद के इमाम बुखारी ने कहा कि बीते चार सालों में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया है. मौलाना बुखारी ने लखनऊ में कहा कि जेएनयू मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है. इस मामले में यदि कुछ है, तो वह दो विचारों को लड़ाई है. लेकिन पूरे मुद्दे पर जारी हो रहे टेप के साथ छेड़छाड़ हो रही है, इस पर रोक लगनी चाहिए.
 
बुखारी ने कहा, “जेएनयू परिसर में जो देश विरोधी नारे लगे, उसकी जांच की जानी चाहिए. हमारे देश में देशविरोधी नारे स्वीकार नहीं है. अभी यह पूरा मामला कोर्ट में है. कोर्ट अपना निर्णय खुद देगा, तब पता चलेगा कि क्या हुआ था.”
 
उन्होंने कहा कि मुसलमान वतन परस्त है. मुस्लिमों ने इस देश के लिए बहुत कुर्बानी दी है. समाजवादी पार्टी को बड़ी आशा के साथ मुस्लिमों ने समर्थन दिया, लेकिन पिछले चार सालों में मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया गया.
 
आजम का नाम लिए बगैर बुखारी ने कहा कि उप्र सरकार में एक तानाशाह मंत्री है, जो मुस्लिमों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं. वह अपने हिसाब से सरकार चलाना चाह रहे हैं, जो संभव नहीं है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान सांप्रदायिक शक्तियों के हौसले बुलंद हुए हैं. इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है.
 
बुखारी ने कहा कि राज्य की सरकार यहां की 20 फीसदी मुस्लिम आबादी की उपेक्षा करके इन्हें जीवन के हर क्षेत्र पिछड़ा बनाए रखना चाहती है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुस्लिम का रुख अभी तय नहीं है, यह तीन माह बाद बताया जाएगा कि मुस्लिम किस पार्टी को समर्थन देगा.