पणजी. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने को कहा कि गोवा में नारियल के पेड़ के दर्जे को खत्म करने वाला विधायी संशोधन एक शराब कारखाने को मदद पहुंचाने के लिए किया गया है, सिंह ने कहा, “सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी गोवा के पर्यावरण को निशाना बना रही है. वे नया कानून लेकर आए हैं, जिसमें नारियल के पेड़ के संरक्षित दर्जे को दक्षिण गोवा में शराब की भट्ठी स्थापित करने के लिए बदला गया है.” दिग्विजय सिंह गोवा के पार्टी मामलों के प्रभारी हैं.
 
विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने भी भाजपानीत सरकार पर पर्यावरण की कीमत पर रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास के लिए रास्ता साफ करने के लिए गोवा, दमन एवं दीव पेड़ संरक्षण कानून 1984 में संशोधन करने का आरोप लगाया है.
 
बता दें कि यह संशोधन पिछले महीने पारित हुआ, जिससे नारियल वृक्ष को पेड़ की श्रेणी से हटा दिया गया. सरकार ने दावा किया है कि इस नए कानून से लालफीताशाही को कम करने में मदद मिली है और अब किसान अनुत्पादक और पुराने पेड़ों को काट सकेंगे.
 
दिग्विजय का कहना है कि इसका असली कारण जमीन के एक टुकड़े पर मौजूद नारियल का बाग है, जिसे हटाकर शराब की फैक्ट्री लगाने की योजना है. इसीलिए कानून में संशोधन किया गया है.