नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कई पार्टी पद अब तक रिक्त पड़े हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पिछले वर्ष नवंबर में हुए मंत्रिमंडल में बदलाव के बावजूद अब तक पार्टी में कई अहम पदों पर पार्टी के नेताओं की नियुक्ति करने में असमर्थ रहे हैं.

पार्टी के प्रवक्ता ने हालांकि इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह पार्टी अध्यक्ष का विशेषाधिकार है कि वह कब और कैसे इन रिक्त पदों को भरते हैं. पिछले वर्ष जुलाई में पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह ने 11 उपाध्यक्ष, आठ महासचिव और 14 सचिव वाली अपनी टीम की घोषणा की थी. चुने गए 11 उपाध्यक्षों में से चार पद से मुक्त हो गए. बंडारू दत्तात्रेय को श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक मामलों का राज्यमंत्री बना दिया गया. रघुवर दास झारखंड के मुख्यमंत्री चुन लिए गए, जबकि किरन माहेश्वरी को राजस्थान में वसुंधरा राजे सिंधिया की सरकार में जन स्वास्थ्य एवं जल संसाधन मंत्री के तौर पर शामिल कर लिया गया.

आठ महासचिवों में से तीन को मोदी सरकार में विभिन्न मंत्रालयों का प्रभार सौंप दिया गया. जे. पी. नड्डा को स्वास्थ्य मंत्री, राजीव प्रताप रूडी को कौशल एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रामशंकर कठेरिया को मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बना दिया गया.पहले से रिक्त पदों को शामिल कर लिया जाए तो भाजपा में उपाध्यक्ष के छह, महसचिव के पांच और सचिव का एक पद अभी भी रिक्त है. मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में इस समय 64 मंत्री हैं, जिसमें 26 केंद्रीय मंत्री, 13 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 25 राज्यमंत्री शामिल हैं.

IANS