जम्मू. जम्मू एंड कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा से राज्य में सरकार गठन के बारे में पूछा है कि राज्य में दोबारा सरकार बनाएंगे या नहीं. राज्यपाल ने इस बाबत कल तक जवाब मांगा है.

राज्यपाल ने कहा है कि पिछले 10 महीने से राज्य में मिलकर सरकार चला रही दोनों पार्टियों को यह मंगलवार तक स्पष्ट करना होगा कि वे राज्य में दोबारा सरकार बनाएंगे या नहीं. बीजेपी की प्रदेश इकाई के शीर्ष नेताओं ने सोमवार सुबह बैठक की, और उसके बाद वे पार्टी के केंद्रीय नेताओं से विचार-विमर्श करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं.

वहीं, पीडीपी की अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी की अहम बैठक में कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब तक उन्हें सहयोगी दल बीजेपी से यह आश्वासन नहीं मिल जाता कि उनके स्वर्गीय पिता की विचारधारा का अनुसरण किया जाएगा, तब तक यह संभव नहीं है.

सत्ता के लिए राज्य की बलि नहीं

महबुबा ने यह भी साफ किया कि कश्मीर और नई दिल्ली के बीच जो अविश्वास की खाई है, उसे बीजेपी को दूर करना होगा. उन्होंने कहा कि वह सत्ता के लिए राज्य और पार्टी हितों की बलि नहीं देंगी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पीडीपी नेताओं की बैठक की अध्यक्षता करते हुए महबूबा ने कहा कि उन्हें अपनी गठबंधन साझेदार बीजेपी से ठोस आश्वासन चाहिए कि दिवंगत मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की राज्य में समान विकास और शांति की विचारधारा पर अमल किया जाएगा.

महबुबा परेशानी मोल लेना नहीं चाहतीं

पार्टी के एक नेता के मुतबिक, “पार्टी के सदस्यता अभियान और जनता तक पहुंचने जैसे पार्टी के मसलों पर चर्चा के लिए पार्टी की अहम बैठक बुलाई गई थी. कुछ नेता और विधायक सरकार गठन के मुद्दे पर महबूबा की राय जानना चाहते थे.”

सूत्र के मुताबिक, “उन्होंने बताया कि वह सरकार गठन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वह बेवजह परेशानी मोल लेना नहीं चाहतीं. उन्होंने मुफ्ती साहब के बीजेपी के साथ गठबंधन के बड़े फैसले के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि उनके 10 महीने के कार्यकाल में उनके सपने पर विचार नहीं किया गया.”

बता दें कि सात जनवरी को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद से राज्य में राज्यपाल शासन लागू है और महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कदम आगे नहीं बढ़ाया है.