नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश की सियासी लड़ाई का निपटारा अब सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ करेगी. गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस खेहर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि ये मामला राज्यपाल ,स्पीकर की शक्तियों को लेकर है इस लिए इस मामले को 2 जजों की खंडपीठ नहीं सुन सकती. इसके बाद मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेज दिया गया ताकि वो इस मामले की सुनवाई के लिए संवैधानिक पीठ का गठन करे. बता दें कि विधानसभा पद से हटाए गए नेबाम रेबियो ने याचिका दायर की थी.
 
दरअसल बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर से कहा है कि वह 19 जनवरी तक असेंबली सेशन को न बुलाएं.
 
राष्ट्रपति से मिली थीं सोनिया गांधी
 
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मामले पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए कहा था. उनके साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी थे. सोनिया गांधी ने कहा, ‘अरुणाचल प्रदेश की सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है.’ कानून-व्यवस्था प्रदेश का मुद्दा बन गया है लेकिन राज्य सरकार की जानकारी के बिना पार्लियामेंट्री फोर्स बुला ली है.’
 
क्या है मामला
 
दरअसल प्रदेश के राज्यपाल ने एक महीने पहले ही शीत सत्र बुला लिया था. राज्यपाल ने विधानसभा के स्पीकर रेबियो को हटाने का प्रस्ताव रखने का आदेश दिया था. कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर सरकार गिराने की कोशिश की जा रही है और राज्यपाल के पद का इस्तेमाल सरकार के खिलाफ किया जा रहा है. अरुणाचल प्रदेश में सत्ताधारी कांग्रेस के कई विधायक बागी बन गए हैं. कहा जा रहा है कि ये विधायक बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं. इससे दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त तनाव है.