कोलकाता. बीजेपी ने मालदा में हुई हिंसा की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है. पार्टी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस मालदा की सांप्रदायिक हिंसा में शामिल है. बीजेपी ने यह मांग शुक्रवार को की, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में निवेश के लिए निवेशकों को लुभाने की कोशिश की और दावा किया कि राज्य में कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं है.
 
उत्तर प्रदेश ‘धार्मिक भावनाओं को आहत’ करने से संबंधित की गई टिप्पणी के खिलाफ कालियाचक में हंगाामा हुआ था. बड़ी संख्या में लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ की थी. इनमें कुछ वाहन सीमा सुरक्षा बल के भी थे. पुलिस थाने पर भी हमला हुआ था.
 
बीजेपी ने इस मामले में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के दखल देने की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि घटना की सच्चाई केवल केंद्रीय एजेंसी की जांच में सामने आ सकती है. बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश में हुई एक बात, जिसकी हम निंदा करते हैं, को लेकर सांप्रदायिक मुद्दा बनाया गया और इसका इस्तेमाल एक पुलिस थाने में आग लगाने के लिए किया गया. बीएसएफ के वाहन भी फूंके गए. मालदा में कुछ घरों पर भी हमला हुआ.”
 
बता दें कि बंगाल वैश्विक व्यापार सम्मेलन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “बंगाल शांत राज्य है. यहां कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं है. कुछ लोग हमें राजनैतिक रूप से आलोचना का शिकार बना सकते हैं, लेकिन हम सांप्रदायिक समस्या नहीं होने देते. अगर शांति है तो सभी कुछ सुलझ जाता है.”