नई दिल्ली. बीजेपी से सस्पेंड सांसद कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में  इस बात को खारिज कर दिया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर का मुद्दा लोकसभा में उठाया था. इसके साथ ही कीर्ति आजाद ने कहा कि उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उनकी पार्टी का सिर्फ समर्थन किया था.
 
आजाद ने इस बात की जानकारी ट्वीट करके भी दी थी. उन्होंने अपने ट्वीट में में कहा, ”कांग्रेस अध्यक्ष के इशारे पर बोलने का मुझ पर आरोप लगाना आसन यानी लोकसभाध्यक्ष की भूमिका को कमतर करना है. आसन तय करता है कि कौन बोलेगा.”
 
आजाद ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उन्होंने संसद में सरकार के रूख का समर्थन किया था. उन्होंने लिखा, ”मैंने संसद में सरकार के रूख का समर्थन किया और अपनी पार्टी प्रवक्ताओं को सूचित करना चाहता हूं कि लोकसभाध्यक्ष की अनुमति के बिना कोई नहीं बोल सकता.”
 
आजाद की प्रतिक्रिया बीजेपी द्वारा उन्हें संसद के अंदर और बाहर पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सस्पेंड किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है.
 
आजाद ने लोकसभा में कहा था कि बीजेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ है और उसने जांच से परहेज नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बदले कांग्रेस को डीडीसीए मामले में तय समयसीमा के अंदर एसआईटी जांच की मांग करनी चाहिए.
 
आजाद वित्त मंत्री अरूण जेटली के बाद बोले थे हालांकि बीजेपी के कई नेता उन्हें बैठने के लिए कह रहे थे. आजाद ने कहा कि डीडीसीए का कामकाज अगर पूरी तरह से ठीकठाक था तो सीबीआई उसे 23 अक्तूबर को नोटिस नहीं देती, जेटली ने कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था जो उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे.