नई दिल्ली. केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पांच आप नेताओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया है. केजरीवाल ने मानहानि वाले केस में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी को अपना वकील नियुक्त किया है.
 
सरकार के एक सूत्र ने सोमवार को कहा, “वह (जेठमलानी) केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के लिए हाईकोर्ट में पेश होंगे और इसकी फीस नहीं लेंगे.” 
 
ऐसा माना जा रहा है कि सीएम केजरीवाल ये दांव चलकर जेटली पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है. एक ओर जेठमलानी जहां जेटली के खिलाफ केस लड़ेंगे वहीं अगर कोर्ट में हर रोज सुनवाई होगी तो मीडिया का सारा ध्यान इसी पर लगा रहेगा. ऐसे में आम आदमी पार्टी भी सुर्खियों में बनी रहेगी.
 
जेटली ने डीडीसीए में भ्रष्टाचार के लिए उनके ऊपर आरोप लगाने को लेकर सोमवार को केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का एक मुकदमा दायर किया और क्षतिपूर्ति के रूप में 10 करोड़ रुपए की मांग की.
 
इस बीच केजरीवाल ने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी को डराया नहीं जा सकता. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘मेरे किसी मंत्री के खिलाफ इतना सबूत होता तो हम उसका इस्तीफा ले लेते जैसे तोमर और आसिम का लिया था, बीजेपी जेटली जी को बेशर्मी से बचा रही है.’