नागपुर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण पर दिए अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए कहा कि जब तक सामाजिक भेदभाव रहेगा, तब तक आरक्षण बना रहेगा.
 
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा,”संघ का मानना है कि जब तक सामाजिक भेदभाव है, तब तक आरक्षण की व्यवस्था चलेगी. जिस दिन सामाजिक भेदभाव समाप्त हो गया और जिस दिन खुद सामाजिक भेदभाव से पीड़ित लोग ऐसा कहेंगे, उसी दिन आरक्षण की व्यवस्था को दूर किया जाएगा.”
 
उन्होंने कहा, ”यह सच है कि हमारे यहां जातिभेद हुआ है, होना नहीं चाहिए था, लेकिन हुआ है. हजारों साल से वंचित तबके ने भेदभाव सहन किया है, तो क्या हम 100 साल आरक्षण की व्यवस्था सहन नहीं कर सकते. हमें यह सहन करना चाहिए. जिस समाज में सामाजिक समता नहीं वो कभी उन्नति नहीं कर सकता.” मोहन भागवत ने कहा कि जातिभेद ने भारतीय समाज को बांटने का काम किया है.
 
भागवत ने क्या कहा था ?
भागवत ने बिहार चुनाव के दौरान संघ के मुखपत्र पांचजन्य और आर्गेनाइजर में दिए इंटरव्यू में कहा था कि आरक्षण नीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है. आरक्षण जाति नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए.
 
उन्होंने कहा कि इससे अगर किसी को आपत्ति है तो होती रहे. आरक्षण का राजनीतिक उपयोग किया गया है. इसके लिए ऐसी अराजनीतिक समिति गठित की जाए जो यह देखे कि किसे और कितने समय तक आरक्षण की जरूरत है.