नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) की रैली में किसान की खुदकुशी की घटना की गूंज गुरुवार को लोकसभा में भी सुनाई दी. विपक्षी पार्टियों ने इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की. शोरशराबे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. विभिन्न पार्टियों के सांसदों ने प्रश्नकाल को स्थगित करने और तत्काल चर्चा कराए जाने के लिए प्रस्ताव पेश किया.

सबसे पहले कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं, मीडिया, पुलिस और समाज सबको गजेन्द्र की मौत पर मानवीय दृष्टिकोण से सोचना चाहिए. कोई एक व्यक्ति इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकता. हम सब, पूरी व्यवस्था किसान की मौत के लिए जिम्मेदार है.

इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. यह एक गंभीर मामला है. इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. दिल्ली में जो हुआ उसकी गंभीरता को समझने की कोशिश की जाए. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रश्नकाल को स्थगित कर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्षी दलों से कहा कि इस मुद्दे पर दोपहर 12.00 बजे चर्चा होगी. तब तक गृह मंत्री भी सदन में आ जाएंगे. सभी दलों को दो-दो सांसदों को बोलने का मौका दिया जाएगा.

सदन में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसान ने सार्वजनिक स्थान पर खुदकुशी कर ली और प्रधानमंत्री से बयान जारी करने की मांग की. हालांकि, अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल के स्थगन को मंजूरी नहीं दी और कहा कि वह शून्यकाल के दौरान चर्चा की मंजूरी देंगी.

संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी बयान देंगे. हालांकि, विपक्ष ने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी और सरकार से तत्काल चर्चा कराए जाने की मांग की. इधर, महाजन ने कहा, “कल किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की और आज आप इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं.” इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. 

IANS