नई दिल्ली. नेशनल हेराल्ड केस में मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर लगे बीजेपी के आरोपों को लेकर सदन में हंगामा हुआ जिसकी वजह से संसद के दोनों सदन स्थगित करना पड़े. इस पर कांग्रेस संसद में बेहद अक्रामक रुख में दिखी और केंद्र पर ‘राजनीतिक बैर’ का आरोप लगाया. इन आरोपों से मुकाबले करने के लिए केंद्र सरकार ने मंत्रियों को आगे कर दिया है. 
 
‘केंद्र या सदन का कोई लेना-देना नहीं’
कांग्रेस के आरोपों पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा नेशनल हेराल्ड केस में सरकार या संसद का कोई लेना-देना नहीं. राज्यसभा में उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है. हाईकोर्ट ने उनके मामले को खारिज कर दिया और उनसे सुनवाई का सामना करने को कहा. इस देश में किसी को भी कानून से छूट नहीं है.
 
‘मैं इंदिरा की बहू, किसी से डरती नहीं’
सोनिया गांधी ने कहा था, ”मैं किसी से डरने वाली नहीं हूं. मैं इंदिरा गांधी की बहू और राजीव गांधी की बीवी हूं. हालांकि उन्होंने आगे कहा कि मैं इस मामले को कोर्ट पर छोड़ती हूं, कोर्ट फैसला करे.”
 
‘कौन नहीं जानता कि वह इंदिरा गांधी की बहू हैं?’
बीजेपी के केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने सोनीया के जवाब पर प्रतिक्रीया दी. उन्होंने कहा, ‘कौन नहीं जानता कि वह इंदिरा गांधी की बहू हैं? अगर उनके पास सबूत है कि किसी प्रावधान का उल्लंघन नहीं हुआ है, तो फिर वह अदालत से डर क्यों रही हैं?’
 
‘हंगामा करने से कोई मकसद हल नहीं होगा’
 बीजेपी के एक और केंद्रीय विधि मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा, ‘क्या सरकार कभी अदालत को निर्देशित कर सकती है…’  गौड़ा ने कहा कि केवल हंगामा करने से कोई मकसद हल नहीं होता और विपक्ष के इस प्रकार के रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद कहते हैं, ‘प्रथम दृष्टया यह विश्वास हनन का आपराधिक मामला है.’
 
सरकार के दोष न मढ़ें, अदालत में लड़ें
संसदीय मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू ने संसद भवन परिसर में कहा, उन्हें अदालत में मामला लड़ना चाहिए. आप सरकार को कैसे जिम्मेदार ठहरा सकते हैं. वे सचाई का सामना नहीं कर सकते इसलिए सरकार के सिर दोष मढ़ रहे हैं.’ 
 
‘कांग्रेस सदस्य आंदोलित हैं’
संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी ने लोकसभा में कार्यवाही को बाधित करने का सोनिया गांधी पर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनका अनुमान है कि न्यायालय की किसी बात को लेकर कांग्रेस सदस्य आंदोलित हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले से सरकार का या सदन का कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा कि सुबह से कांग्रेस सदस्य इस मामले को लेकर आक्रोशित और उत्तेजित हैं, लेकिन उनका कोई नेता यह बोलने को तैयार नहीं है कि मामला क्या है.
 
बता दें कि नेशनल हेराल्ड केस की अगली पेशी 19 दिसंबर को होगी और उस दिन कोर्ट ने दोनों को पेश होने का आदेश दिया गए हैं. समन के मुताबिक दोनों को मंगलवार दोपहर 4 बजे तक कोर्ट में पेश होना था लेकिन मंगलवार सुबह उनके वकीलों की दलीलों के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों नेताओं की पेशी की तारीख 19 दिसंबर तय कर दी.