नई दिल्ली. असहिष्णुता के मुद्दे पर टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने कहा है कि शिक्षा और काम में संतुष्टि से असहिष्णुता को खत्म किया जा सकता है. उन्होंने कहा,”भारतीय समाज में हमेशा आपसी सामंजस्य रहा है. हम हमेशा साथ रहे हैं. हमें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे हमारे आस-पास बढ़ रही असहिष्णुता को बल मिले.”
 
 
ऑनलाइन स्टडी पर एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने असहिष्णुता पर जारी बहस में पड़ने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि अभी इस मुद्दे पर टीवी पर जो बहस चल रही है, मैं उसमें नहीं पड़ना चाहता. हमारा देश सौहार्द से जीता आया है. हमें साथ मिलकर काम करना है, हमें साथ रहना है और इसे जारी रहना है. हमारे इर्दगिर्द विश्व में जो असहिष्णुता बढ़ रही है उसमें हमें शामिल नहीं होना चाहिए.’
 
इससे पहले रविवार के दिन असहिष्णुता के मुद्दे पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया तीर्थ सिंह ठाकुर ने कहा कि असहनशीलता का सियासी पहलू भी है. देश में सभी धर्मों के लोग रहते है,अलग अलग जगह से लोग यहां आकर रहे. हमें नही लगता असहनशीलता है.