तिरुवनंतपुरम. केरल में सुन्नी धर्मगुरु व ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के प्रमुख कांथापुरम अबूबकर मुसलियार ने यह कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है कि औरत-मर्द की बराबरी की बात गैर-इस्लामी हैं और औरत बस बच्चा पैदा करने के लायक हैं.

कोझिकोड़ में मुस्लिम स्टुडेंट्स फेडरेशन के कैंप को संबोधित करते हुए मुसलियार ने कहा, “लैंगिक बराबरी ऐसी चीज है जो कभी हकीकत में नहीं होने वाली. ये इस्लाम और मानवता के खिलाफ है और बौद्धिक रूप से भी गलत है.”

मुसलियार ने कहा, “औरत कभी मर्दों की बराबरी नहीं कर सकती. वे सिर्फ बच्चे पैदा करने के लायक हैं. औरतें संकट का मुकाबला नहीं कर सकतीं.” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हजारों हर्ट सर्जन की भीड़ में कोई एक महिला है.

महिलाओं को निकाय चुनाव में आरक्षण के खिलाफ भी बोल चुके हैं मुसलियार

मुसलियार इससे पहले केरल के निकाय चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने के खिलाफ बयान देकर भी विवाद खड़ा कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि ये बहुत ज्यादा है. तीखी आलोचना के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था.

कॉलेज में लड़के-लड़कियों को साथ बिठाने और पढ़ाने की आलोचना करते हुए मुसलियार ने कहा कि ये इस्लाम और संस्कृति को बर्बाद करने की सोची-समझी साजिश है.

मुसलियार ने एक महिला पत्रकार द्वारा मदरसों में बच्चों के यौन शोषण की कहानी सामने लाने वाले मसले पर कहा कि ये झूठी बात है और अगर ऐसा कोई सबूत उस महिला पत्रकार के पास है तो उसे सामने लाना चाहिए.

महिला पत्रकार वीपी रेजीना ने मदरसे में उस्तादों द्वारा लड़के-लड़कियों के साथ हुए यौन शोषण की कहानी सामने रखी थी. इसके लिए रेजीना को सोशल मीडिया पर भद्दी-भद्दी गालियां तक दी गईं.

रेजीना ने लिखा था कि मदरसे में उस्ताद लड़कों को अपने पास बुलाकर उनकी पेंट की चेन खोल कर अनुचित जगह पर छूते थे और पूछने पर कहते थे कि साइज चेक किया जा रहा है. उस्ताद लाइट चले जाने पर लड़कियों को भी गलत जगह पर छूते थे.