नई दिल्ली. केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिलिया इस्लामिया के दीक्षांत समरोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाने के फैसले पर मीडिया कॉ-ओर्डिनेटर मुकेश रंजन ने बताया कि पीएम मोदी के विरोध में अब तक किसी तरह की रिपोर्ट नहीं मिली है. उम्मीद है पीएम मोदी इस बार जामिया के दीक्षांत समरोह में शामिल होंगे. 
 
बता दें कि मोदी ने 2008 में जामिया को लेकर विवादित बयान दिया था जिसके चलते छात्र इस फैसले को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. हालांकि इस विश्वविद्यालय को इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से कोई हामी नहीं मिली है.
 
 
मोदी ने जामिया को कहा था ‘डूब मरो’
इस विश्वविद्यालय का दौरा नहीं करने वाले मोदी ने 2008 के सितंबर में हुई बटला हाउस मुठभेड़ को लेकर उसी साल जामिया की आलोचना की थी. मोदी ने उस साल गुजरात में एक जनसभा में कहा था, ‘‘दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया नामक एक विश्वविद्यालय है.
 
उसने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह इस हरकत में शामिल आतंकवादियों के कानूनी शुल्क का वहन करेगा. जाओ डूब मरो. यह जामिया मिलिया सरकारी धन से चलाया जा रहा है और यह आतंकवादियों को जेल से बाहर निकलवाने के लिए वकीलों पर धन खर्च करने का दुस्साहस कर रहा है. वोटबैंक की यह राजनीति कब बंद होगी.’’