Home » Other » नवरात्रों में इस देवी मंदिर में आरती के समय आते हैं भालू, प्रसाद खाकर चले जाते हैं जंगल

नवरात्रों में इस देवी मंदिर में आरती के समय आते हैं भालू, प्रसाद खाकर चले जाते हैं जंगल

नवरात्रों में इस देवी मंदिर में आरती के समय आते हैं भालू, प्रसाद खाकर चले जाते हैं जंगल

By Web Desk | Updated: Tuesday, October 11, 2016 - 10:33
चंडी देवी मंदिर, नवरात्री, श्रद्धालु, भालू, मंदिर, प्रसाद, Raipur, Chhattisgarh, Chandi Devi Temple, Navratri, bear, temple

bears come in the maa chandi temple Priest offering food in chhattisgarh

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
रायपुर. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबहरा से करीब 5 किमी. दूर जंगल के बीचों-बीच चंडी देवी मंदिर में नवरात्री पर हर रोज श्रद्धालुओं की काफी भीड़ आती है. श्रद्धालुओं के लिए चंडी देवी मंदिर के अलावा वहां के भालू भक्त भी आकर्षण का केंद्र हैं. बताया जाता है यहां भालुओं का एक पूरा परिवार वहां हर रोज देवी के दर्शन के लिए पहुंचता है और यहां की आरती के बाद प्रसाद लेकर ही घर लौट जाता है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बताया जाता है कि भालू का परिवार जब देवी दर्शन के लिए पहुंचता है तो एक मंदिर का एक सदस्य सीढ़ियों के पास ही खड़ा रहता है. मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ मंदिर के अंदर आ जाती है. तीनों भालू देवी प्रतिमा की परिक्रमा भी करते हैं.
 
 
'कभी गुस्सा जरूर हो जाते हैं भालू'
यहां के पुजारी बताते है कि दर्शन और प्रशाद के बाद भालुओं का परिवार जंगल की ओर चुपचाप लौट जाता है. ये भालू आज तक हिंसक नहीं हुए और न ही यहां आने वाले किसी भक्त को नुकसान पहुंचाया है. लेकिन जब कोई उन्हें परेशान करता है या फिर भगाने की कोशिश करता है तो वे गुस्सा जरूर हो जाते हैं. भालूओं के परिवार में नर-मादा के अलावा  इनके दो छोटे बच्चे भी हैं.
 
भगवान की कृपा मानते हैं गांव वाले
पास के गांव के लोगों का मानना है कि मंदिर में भालुओं के आने का मतलब ये है कि यहां लोगों पर देवी की विशेष कृपा है. गांववाले उन भालुओं को जामवंत परिवार कहने लगे हैं.
 
 
तंत्र साधना के लिए मशहूर था चंडी देवी मंदिर
  • जंगल के बीच पहाड़ी पर स्थित माता चंडी का यह मंदिर तंत्र साधना के लिए काफी मशहूर था.
  • इस मंदिर का इति‍हास करीब डेढ़ सौ साल पुराना है. बताया जाता है कि मां चंडी की प्रतिमा यहां खुद प्रकट हुई थी.
  • तंत्र साधना के लिए पहले यह स्थान गुप्त माना जाता था, साल 1950-51 में यहां आम लोग आने लगे.
First Published | Monday, October 10, 2016 - 18:44
For Hindi News Stay Connected with InKhabar | Hindi News Android App | Facebook | Twitter
Web Title: bears come in the maa chandi temple Priest offering food in chhattisgarh
(Latest News in Hindi from inKhabar)
Disclaimer: India News Channel Ka India Tv Se Koi Sambandh Nahi Hai

Add new comment

CAPTCHA
This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

फोटो गैलरी

  • मुंबई में निकलोडियन "किड्स च्वाइस पुरस्कार 2016" के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण
  • मुंबई में अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा और अमृता अरोड़ा, फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ​​के जन्मदिन समारोह के दौरान
  • मथुरा के बरसाना में बच्चों के साथ अभिनेता अक्षय कुमार
  • मुंबई में "टाइम्स लिटफेस्ट 2016" के दौरान अभिनेत्री कंगना रानौत
  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, बेंगलुरु में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए
  • नई दिल्ली में योग गुरू बाबा रामदेव, खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री विजय गोयल से मुलाकात के दौरान
  • पटना में बिहार के राज्यपाल राम नाथ कोबिंद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर श्रधांजलि देते हुए
  • नई दिल्ली में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल नगो गवां लिंच का स्वागत करते हुए
  • चेन्नई में AIDMK नेता जे. जयललिता को श्रधांजलि देने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • चेन्नई में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता के पार्थिव शरीर को, एक एम्बुलेंस द्वारा उसके निवास पोएस गार्डन ले जाया गया