Home » Other » IIT में रघुराम राजन को पढ़ाने वाले इस प्रोफेसर ने किस बात के लिए दिया इतना बड़ा बलिदान

IIT में रघुराम राजन को पढ़ाने वाले इस प्रोफेसर ने किस बात के लिए दिया इतना बड़ा बलिदान

IIT में रघुराम राजन को पढ़ाने वाले इस प्रोफेसर ने किस बात के लिए दिया इतना बड़ा बलिदान

By Web Desk | Updated: Tuesday, September 13, 2016 - 10:47
IIT professor, delhi, Houston, United States of America, Alok Sagar, Madhyapradesh

An Ex IIT Delhi professor lives for tribals and work for them

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
बेतूल. अगर किसी व्यक्ति के पास IIT से इंजीनियरिंग, अमेरिका के ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्रियां हो तो सीधा ख्याल किसी सूट-बूटधारी, चमचमाती गाड़ियों के मालिक और शानो शौकत से भरपूर जिंदगी की होगी. लेकिन अगर हम आपको बताएं कि इन डिग्रियों के होने के बाद एक इंसान ऐसा है जो बेतूल की जंगलों में आदिवासियों के बीच अपनी जिंदगी बसर कर रहा है तो! 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
चौंकिए मत ये कहानी नहीं बल्कि हकीकत है. आलोक सागर ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की उसके बाद अमेरिका के ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री ली. वापस भारत आकर IIT दिल्ली में प्रोफेसर बने. उनके छात्रों में पूर्व RBI गर्वनर रघुराम राजन सहित देश की जानी मानी हस्तियां हैं. 
 
आलोक सागर की जिंदगी
कायदे से तो इतने बड़े प्रोफाइल के बाद आलोक सागर को ऐशो आराम की जिंदगी बितानी चाहिए थी. पर पिछले 32 सालों से सागर मध्यप्रदेश के बीहड़ों में समाज की सेवा में लगे हैं. इस्तीफा देने के बाद आलोक ने बेतूल और होशंगाबाद जैसे आदिवासी और पिछड़े इलाके में रहकर काम करना शुरु किया. 
 
पिछले 26 सालों से आलोक मध्यप्रदेश के कोचामू गांव में रह रहे हैं. यहां ना बिजली की सुविधा है ना ही सड़क है. सिर्फ एक प्राइमरी स्कूल है. इलाके में आलोक सागर ने 50,000 से ज्यादा पेड़ लगाए हैं. सागर ने एक अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि- लोग अगर चाहें तो जमीनी स्तर पर काम करके देश की सूरत बदल सकते हैं. पर आज लोग अपनी डिग्रियों की प्रदर्शनी कर अपनी बुद्धिमता दिखाने में ज्यादा ध्यान देते हैं.  
 
क्या है आलोक सागर की कमाई
आलोक सागर के पास कुल कमाई में तीन कुर्ता और एक साइकिल की विरासत है. आलोक का दिन बीजों को जमा करने और आदिवासियों के बीच उसे बांटने में बीतता है. आलोक सागर श्रमिक आदिवासी संगठन से जुड़े हैं और इनके विकास के लिए लगातार काम करते रहते हैं. यही नहीं आलोक को कई आदिवासी भाषाएं जानते हैं और बोलते हैं. 
First Published | Tuesday, September 13, 2016 - 09:05
For Hindi News Stay Connected with InKhabar | Hindi News Android App | Facebook | Twitter
Web Title: An Ex IIT Delhi professor lives for tribals and work for them
(Latest News in Hindi from inKhabar)
Disclaimer: India News Channel Ka India Tv Se Koi Sambandh Nahi Hai

Add new comment

CAPTCHA
This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions.

फोटो गैलरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना में नवीन आविष्कारों के लिए प्रमाण पत्र भेंट करते हुए
  • जम्मू-कश्मीर के बारामूला में बर्फबारी का एक दृश्य
  • पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, एक दूसरे को मकर संक्राति की बधाई देते हुए
  • मुम्बई में, भित्ति कलाकार रूबल नागी की क्रिएशन का उद्द्घाटन करने पहुंचे अभिनेता शाहरुख़ खान
  • मुंबई में अभिनेत्री जूही चावला, पर्यावरण के प्रति प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में बोलते हुए
  • अभिनेता अर्जुन रामपाल, नई दिल्ली के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान
  • जुहू के इस्कॉन मंदिर में, दिवंगत अभिनेता ओम पुरी की पत्नी नंदिता पुरी और बेटा ईशान
  • कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, नई दिल्ली में पार्टी के "जन वेदना सम्मेलन" के दौरान संबोधित करते हुए
  • चेन्नई में, आनेवाले पोंगल के लिए बर्तनों पर चित्रकारी में व्यस्त महिला
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले, गाजियाबाद में फ्लैग मार्च करते सुरक्षा कर्मी
Pro Wrestling League India (PWL)