नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल ने ओडिशा से रसगुल्ले की जंग जीत ली है. खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा कि हम सभी के लिए मीठी खबर है. हम खुशी और गर्व के साथ ये कहना चाहते हैं कि बंगाल में सबसे पहले रसगुल्ला मिलने के भौगोलिक संकेत मिल गए हैं और सरगुल्ले के इजाद पर हमारा अधिकार सिद्ध हो गया है. दरअसल दोनों राज्यों के बीच विवाद इस बात को लेकर था कि रसगुल्ले का इजाद कहां हुआ. ये मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब साल 2015 में ओडिशा के विज्ञान एंव तकनीकी मंत्री प्रदीप कुमार ने दावा किया कि रसगुल्ला का इजाद ओडिशा में हुआ. उन्होंने इस दावे को सिद्ध करने के लिए भगवान जगन्नाथ के खीर मोहन प्रसाद को भी जोड़ा.

इसपर पश्चिम बंगाल के खाद्य प्रसंस्करण मंत्री अब्दुर्रज्जाक मोहल्लाह ने कहा कि रसगुल्ला का इजाद पश्चिम बंगाल में ही हुआ है और हम ओडिशा को इसका क्रेडिट नहीं लेने देंगे. दोनों राज्य सरकारें इस मामले को लेकर कोर्ट तक जाने को तैयार हो गईं. बहरहाल पश्चिम बंगाल ने रसगुल्ले की जंग ओडिशा से छीन ली है.

रसगुल्ले के इजाद पर पश्चिम बंगाल का दावा था कि 1868 में नबीन चंद्र दास नाम के एक शख्स ने पहली बार रसगुल्ला बनाया था जो मिठाई बनाने के लिए खास तौर पर जाने जाते थे. वहीं दूसरी तरफ ओडिशा का दावा था कि रसगुल्ला पहली बार पुरी में बना और उसका पहला अवतार खीर मोहन था जिससे बाद में रसगुल्ला निकला था.

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