नई दिल्ली. अयोध्या की विवादित राम जन्म भूमि को लेकर बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि मामले में 2019 के बाद सुनवाई होनी चाहिए. सिब्बल ने पांच जजों की बेंच से कहा कि 2019 के चुनाव में मंदिर को लेकर राजनीति हो सकती है इसलिए अभी इसपर सुनवाई टाल देनी चाहिए. वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य और बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महमूद का कहना है कि कपिल सिब्बल भले ही हमारे वकील हैं लेकिन वह एक राजनीतिक पार्टी (कांग्रेस) से भी जुड़े हुए हैं. ऐसे में सुनवाई के दौरान उनका बयान बिल्कुल गलत था. उन्होंने कहा कि सुनवाई 2019 के बाद होनी चाहिए जबकी हम अयोध्या विवाद का फैसला जल्द से जल्द चाहते हैं.

अयोध्या मामले को लेकर कपिल सिब्बल का बयान सुन्नी वक्फ बोर्ड से इतर होने को लेकर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा है कि ‘बदलते हुए मौसम का परवाना हूं मैं, गुजरात में जनेऊधारी हिंदु हूं तो यूपी बिहार में मौलाना हूं मैं’.भाजपा का कहना है कि कांग्रेस अयोध्या मामले को 2019 तक उलझाए रखना चाहती है.

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल के इस बयान पर मचे बवाल के बीच गुजरात की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साल 2019 का कांग्रेस को लड़ना है या फिर सुन्नी वक्फ बोर्ड को? साथ ही उन्होंने कहा कि ‘मुझे इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है कि कपिल सिब्बल मुस्लिम समुदाय की तरफ से लड़ रहे हैं पर वह यह कैसे कह सकते हैं कि अगले चुनाव तक अयोध्या मामले का कोई हल नहीं होना चाहिए? इसका संबंध लोकसभा चुनाव से कैसे है?’ गौरतलब है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को आज से ठीक 25 साल पहले गिरा दिया गया था. कहा गया कि जहां पर बाबरी मस्जिद बना है वह दरअसल राम जन्म भूमि है. ऐसे में तब से लेकर अब तक इस मामले का कोई हल नहीं निकाला जा सका है.

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