नई दिल्ली. गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने बहुचर्चित निठारी कांड में दोषी सुरेंद्र कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को मौत की सजा सुनाई है. गुरुवार को कोर्ट ने दोनों को 25 वर्षीय लड़की अंजलि के रेप और हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित रखा था. अंजलि की हत्या और बलात्कार का यह केस निठारी सीरीज ऑफ़ केसेज का 9वां और बहुचर्चित मामला था. बता दें कि निठारी का यह मामला 2007 से कोर्ट में चल रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 25 वर्षीय लड़की अंजलि जोकि मनिंदर सिंह पंढेर के यहां घरेलू नौकरानी के रूप में काम कर रही थी. 2007 में अंजलि अचानक गायब हो गई थी और उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने जांच के दौरान मनिंदर के घर से खून से सने कपड़े और खोपड़ी बरामद की थी. फोरेंसिक जांच में पता चला की वह कपड़े और खोपड़ी अंजली की थी. मनिंदर सिंह पंढेर बच्चों के साथ शारीरिक शोषण करने का आदि था. इतना ही नहीं बल्कि रात हो जाने पर वह अपनी कोठी के सामने से गुजरने वाली लड़कियों को पकड़ कर ले जाता और बलात्कार करता.

बता दें कि निठारी कांड का दोषी सुरेंद्र कोली उत्तराखंड के अल्‍मोड़ा के एक गांव का रहने वाला है. सन् 2000 में वह दिल्‍ली आया था. कोली एक ब्रिगेडियर के घर पर खाना बनाने का काम करता था. साल 2003 में पंढेर के संपर्क में सुरेंद्र कोली आया. उसके कहने पर नोएडा सेक्टर-31 के डी-5 कोठी में काम करने लगा. पंढेर की कोठी में अक्सर कॉलगर्ल आया करती थीं. इस दौरान वह कोठी के गेट पर नजर रखता था.

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