नई दिल्ली: वन रैंक वन पैशन के बाद मोदी सरकार ने सैनिकों के लिए एक और बड़ी घोषणा की है. रक्षा मंत्रालय से जारी किए नोटिफिकेशन के मुताबिक वीरता सम्मान के तौर पर मिलने वाली धनराशि को सरकार ने दोगुना कर दिया है. यानी कि अब परमवीर चक्र विजेता को हर महीने दस हजार रूपये की बजाय बीस हजार रुपये मिलेंगे. इसके अलावा अशोक चक्र विजेता को 6 हजार की जगह 12 हजार रूपये प्रति महीना मिलेगा. महावीर चक्र विजेता को पहले 5 हजार रुपये मिलते थे उसे बढ़ाकर दस हजार रूपये कर दिया गया है. वहीं कीर्ति चक्र विजेता को 9 हजार रूपये प्रति महीना दिया जाएगा.

इसके अलावा वीर चक्र पाने वाले जवानों को 7 हजार रुपये मिलेंगे वहीं शोर्य चक्र विजेता को 6 हजार रुपये प्रति महीना दिए जाएंगे. सेना मेडल, नवसेना मेडल और वायु सेना मेडल जीतने वाले जांबाजों को 2 हजार रुपये प्रति महीना दिया जाएगा. अवार्ड जीतने वाला जवान अगर जीवित नहीं है तो उनकी पत्नी को ये धनराशि दी जाएगी और अगर जवान की शादी नहीं हुई और वो शहीद हो गया है तो उनके माता-पिता को ये राशि दी जाएगी.

इसके अलावा ट्यूशन फीस पर चल रहे विवाद को लेकर भी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएगी जिससे शहीदों के परिवार को कई परेशानी उठानी पड़े. दरअसल पिछले दिनों सरकार ने शहीदों के बच्चों की ट्यूशन और हॉस्टल फीस की सीमा तय कर दी थी जिसका व्यापक विरोध देखने को मिला था. 13 सितंबर को रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एक्स सर्विसमेन वेलफेयर ने इस बाबत आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि शहीद, विकलांग और लापता अफसरों के बच्चों की ट्यूशन फीस की भुगतान सीमा 10 हजार रुपये प्रतिमाह तय कर दी गई थी.

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