भोपाल. बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश में शिक्षाकर्मियों ने अपनी मांग मनवाने के लिए सरकार के विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. यहां शिक्षाकर्मियों ने अपने अधिकारों के प्रति सरकार का ध्यान खींचने के लिए अपना सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया. सिर मुंडाने वालों में महिला शिक्षाकर्मी भी शामिल हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अध्यापक अधिकार यात्रा के तहत शिक्षक और शिक्षिकाओं दोनों ने अपने सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया है. बताया जा रहा है कि शिक्षाकर्मी लंबे समय से ‘समान कार्यों के लिए समान वेतन’ और ट्रांसफर नीति में बदलाव की मांग करते रहे हैं. शिक्षाकर्मियों ने इसके अलावा अन्य मांगें भी उठाई हैं.

भोपाल में बड़ी संख्या में शिक्षक प्रदर्शन के लिए जुट रहे हैं. अपनी मांग मनवाने के लिए किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में शिक्षिकाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. इसी सिलसिले में अध्यापक अधिकार यात्रा भी निकाली जा रही है. अभी तक कोई सुनवाई न होने पर शिक्षकों को प्रदर्शन के लिए यह तरीका निकालना पड़ा. मध्य प्रदेश में शिक्षक वेतनमान में विसंगतियां खत्म करने के लिए पिछले साल कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं. पिछले साल यह मामला लोकसभा में भी उठाया गया था. जिस पर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी.

समग्र शिक्षक व्याख्याता कल्याण संघ के मुताबिक समयमान, वेतनमान और पदोन्नति मसलों की फाइल करीब दो साल से अटकी हुई है. दोनों ही मसलों पर सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग की स्वीकृति भी मिल चुकी है लेकिन अंतिम निराकरण के लिए मामला अटका पड़ा है. शिक्षक संवर्ग को समयमान वेतनमान और पदोन्नति से वंचित रखा गया है. उन्हें शिक्षक पदनाम भी नहीं दिया गया है. शिक्षकों की मांग है कि पहले से दिए जा रहे वेतनमान की विसंगति खत्म करने बाद सातवें वेतनमान के लाभ दिए जाएं.

मध्य प्रदेश: मंत्री अर्चना चिटनीस ने महर्षि वाल्मीकि को बताया डाकू तो लोगों ने कर दिया बवाल, घबराकर बोलीं जहर दे दो मुझे