नई दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार कहा कि प्रस्तावित फाइनेंशियल रेजोल्यूशन एंड डिपॉजिट इन्श्योरेंश बिल (FRDI) के नए संशोधित ड्राफ्ट से बैंक ग्राहकों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इस संशोधित ड्राफ्ट से बैंकों में जमा लोगों की पूंजी और भी सुरक्षित हो जाएगी. उन्होंने मीडिया व सोशल मीडिया में चल रहीं तमाम खबरों और आशंकाओं को निराधार बताते हुए कहा कि यह सारी बातें अफवाह है. वहीं वित्त मंत्री के ट्वीट के ट्वीट के बाद इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी एससी गर्ग ने भी कहा कि FRDI बिल में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है, बैंकों में जमा रकम सुरक्षित रहेगी.

बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट संसद में एफआरडीआई बिल पेश करने वाली है. जिसको लेकर कहा जा रहा है कि इसके पास हो जाने के बाद सरकार की बैंकों के गारंटर के तौर पर जिम्मेदारी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी. बिल पास होने पर सरकार एक नया रेजोल्यूशन कॉर्पोरेशन बनाएगी जिसके तहत पुराना कानून निष्प्रभावी हो जाएगा, जिसके चलते अभी बैंकों को सरकार की तरफ से गारंटी मिली हुई थी.

इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी एससी गर्ग ने कहा कि पीएसयू बैंकों में जमा लोगों के रुपये की गारंटी सरकार देती है, इसलिए वे सुरक्षित रहेंगे. इससे पहले खबरें थी कि केंद्र सरकार ने बैंकिंग रिफॉर्म प्रक्रिया के क्रम में 2017 के जून में एक ऐसे बिल को स्वीकृति दी है, जिसके तहक बैंकों में जमा लोगों की पूंजी डूब सकती है. साथ ही यह भी कहा गया था कि अगर कोई बैंक डूबने की कगार पर है तो ऐसी स्थिति में उसमें जमा रुपये लोगों को वापस नहीं दिए जाएंगे. इस प्रावधान की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बड़ी संख्या में लोगों ने चिंता जतानी शुरू कर दी थी.

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