नई दिल्ली. दिल्ली में जानलेवा प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है. आप सरकार ने दिल्ली में पानी से छिड़काव करने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया पर काम करने का फैसला लिया है. शहर में पानी के छिड़काव करने से हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा. पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा कि हवाई छिड़काव की प्रक्रिया का पता लगाया जा रहा है. इस प्रक्रिया के लिए हेलीकॉप्टर सेवा देने वाली कंपनी पवन हंस और केंद्र के सभी संबधित विभागों के साथ एक बैठक की है.जल्द ही दिल्ली में हेलीकॉप्टर से छिकड़ाव किया जाएगा.

पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने ट्वीटर पर जानकारी देते हुए बताया कि पानी के छिड़काव के बारे में पता लगाने के लिए पवन हंस और केंद्र के विभागों के साथ बैठक की. हेलीकॉप्टर से छिड़काव करने से हवा में फंसे कण यानि 2.5 और पीएम 10 कम हो जाएंगे और प्रदूषण का स्तर कम हो जाएगा. पवन हंस कंपनी के सहमति होने के बाद सचिवालय में बैठक होगी जिसमें यह तय किया जाएगा कैसे और किन इलाकों में हेलीकॉप्टर की मदद से छिड़काव किया जाएगा. दरअसल इमरान हुसैन ने हाल में ही डॉ हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कृत्रिम बारिश के लिए केंद्र से हेलीकॉप्टर और वित्तीय सहायता की मदद मांगी थी.

गौरतलब है कि दिल्ली के जहरीले प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ था. सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार को आदेश दे कि ऑड-इवन फॉर्मूला पर पुनर्विचार करे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश दें कि हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में क्रॉप बर्निंग की जगह उनके दूसरे काम में इस्तेमाल के लिए प्रोजेक्ट बनाये ताकि किसान पराली न जलाए.


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