नई दिल्लीः गुजरात के वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी, मानवाधिकार कार्यकर्ता अखिल गोगोई, JNU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, छात्र नेता उमर खालिद और शहला रशीद दिल्ली पुलिस से मंजूरी न मिलने के बावजूद ‘युवा हुंकार रैली’ के लिए संसद मार्ग पहुंचे. हालांकि रैली के लिए अनुमति न मिलने और भारी सुरक्षाबल की तैनाती की वजह से उनकी रैली में ज्यादा लोग
नहीं पहुंचे. मेवाणी की दिल्ली में प्रस्तावित हुंकार रैली से पहले ही विवाद हो गया था. दिल्ली पुलिस ने NGT के आदेश का हवाला देते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट पर मेवाणी की रैली को मंजूरी नहीं दी. दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि जिग्नेश मेवाणी को रामलीला मैदान में रैली करने के लिए कहा गया था लेकिन मेवाणी की ओर से उन्हें लिखित तौर पर कुछ नहीं मिला.

इस दौरान जिग्नेश मेवाणी ने कहा, ‘इस देश में एक निर्वाचित प्रतिनिधि को अगर युवाओं के लिए रोजगार, सामाजिक न्याय और दलितों व अल्पसंख्यकों के लिए बोलने नहीं दिया जाएगा, तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या होगा. बीजेपी हमें इसलिए टारगेट कर रही है क्योंकि हम गुजरात में उन्हें 99 सीटों पर ले आए.’ रैली में ज्यादा लोग नहीं पहुंचने पर मेवाणी ने कहा कि रैली रद्द होने की खबर फैलाने के कारण कार्यक्रम स्थल पर भारी संख्या में लोग नहीं पहुंच पाए. मेवाणी ने कहा कि बीजेपी लव जिहाद, घर वापसी और गाय से जुड़े मुद्दों की आड़ में भ्रष्टाचार, गरीबी, रोजगार, शिक्षा जैसे मुद्दों पर पर्दा डाल रही है और हम इसके खिलाफ हैं. बता दें कि रैली की इजाजत न मिलने पर कई इलाकों में मेवाणी के समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की भी खबरें आईं. मेवाणी की इस ‘युवा हुंकार रैली’ में सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने भी हिस्सा लिया.

प्रशांत भूषण ने इस रैली को एक नई शुरूआत बताते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए परमिशन नहीं दी, इसलिए भीड़ कम है लेकिन यह एक नई शुरुआत है. देश में एक नई उम्मीद जगी है, एक झूठी राजनीति के खिलाफ युवा ताकत खड़ी हो रही है. यह आगे कहां तक पहुंचेगी, यह देखना होगा. यह बदले की नहीं बल्कि प्यार की राजनीति है. छात्र नेता उमर खालिद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी कहते हैं कि वह झोला उठाएंगे और चले जाएंगे, लेकिन वह हमारे सवालों का जवाब दिए बिना नहीं जा सकते हैं. अब कोई एकलव्य नहीं कि आप अंगूठा काट लेंगे.

उमर खालिद ने भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के लिए कहा कि चंद्रशेखर देश के लिए खतरा नहीं है बल्क‍ि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा के लिए खतरा है. उमर खालिद ने हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार रोहित का सामना नहीं कर पाई और उसे खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया. हम हरगिज नहीं डरेंगे और रोहित को इंसाफ दिलाएंगे. खालिद ने कहा कि आप मुझसे, जिग्नेश मेवाणी से नफरत कर सकते हैं लेकिन इससे नौकरियां पैदा नहीं होंगी, इससे बस आपका ब्लड प्रेशर बढ़ेगा. खालिद ने मीडिया पर देश की सही तस्वीर न दिखाने का भी आरोप लगाया.

लेफ्ट छात्र नेता शहला रशीद ने रैली में योगी सरकार पर निशाना साधा. शहला ने कहा कि राजनेताओं पर से उत्तर प्रदेश सरकार मुकदमे हटा रही है, क्या योगी आदित्यनाथ सरकार में अपने खिलाफ केस रद्द कराने आए हैं? शहला ने जनसभा में मौजूद लोगों से इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. शहला ने अपने संबोधन के दौरान वहां मौजूद लोगों से अपना फोन नंबर भी शेयर किया. लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ को काले झंडे दिखाने वाली छात्रा पूजा शुक्ला भी ‘युवा हुंकार रैली’ में पहुंची. पूजा ने कहा कि वो लखनऊ में ही रहेंगी लेकिन योगी-योगी नहीं कहेंगी.

JNU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा हमारा एकमात्र हथियार है, हमें किसी भी तरह से हिंसक नहीं होना है. कन्हैया ने कहा कि हम हरगिज हिंसा नहीं चाहते बल्कि शांतिपूर्ण आंदोलन करना चाहते हैं. हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. हम यहां समानता के अधिकार के लिए आए हैं. कन्हैया ने आगे कहा कि बीजेपी पार्टी नहीं बल्कि एक वॉशिंग मशीन है जो लोकतंत्र को कमजोर कर रही है. मीडिया को भी निशाना बनाया जा रहा है. कन्हैया कुमार ने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ कनेक्शन की वजह से संबित पात्रा को ONGC का डायरेक्टर बना दिया गया. संबित पात्रा की योग्यता क्या है?

 

युवा हुंकार रैली में खाली कुर्सियों को लेकर जमकर ट्रोल हुए जिग्नेश मेवाणी, ट्वीटरबाज बोले इससे ज्यादा भीड़ तो चाय की दुकान पर होती है