नई दिल्ली: अयोध्या विवादित ढांचा मामले पर घिरे कांग्रेसी नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर पलटवार करते हुए कहा कि कभी-कभार हमारे प्रधानमंत्री बिना कुछ जाने समझे बयान दे देते हैं. उन्होंने कहा कि ‘मैं सुन्नी वक्फ बोर्ड का वकील नहीं हूं.’ राम मंदिर के निर्माण पर कपिल सिब्बल ने कहा कि ‘पीएम मोदी के चाहने से तो राम मंदिर बनेगा नहीं, मामला कोर्ट में है और जब भगवान चाहेंगे तभी राम मंदिर बनेगा.’

कपिल सिब्बल ने कहा कि ‘मेरे कोर्ट जाने से या मेरे द्वारा किसी की पैरवी करने से देश की गंभीर समस्याओं का हल हो जाएगा? अगर ऐसा है तो पीएम को बोलना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के बयानों से भारत को कोई लाभ नहीं होगा बल्कि हम देश को विवादों की तरफ धकेलेंगे.’

कपिल सिब्बल ने कहा कि ‘पीएम मोदी ने इस तथ्य की जांच ही नहीं की कि मैं सुन्नी वक्फ बोर्ड का वकील हूं या नहीं, मैने कभी सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से पैरवी नहीं की. लेकिन इसके बावजूद पीएम मोदी ने इस आधार पर सुन्नी वक्फ बोर्ड का शुक्रिया अदा किया.’ कपिल सिब्बल ने पीएम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘मैं पीएम से अनुरोध करुंगा कि आगे से ऐसे मामलों पर थोड़ी और सावधानी बरतें.’ कपिल सिब्बल दरअसल इकबाल अंसारी के वकील हैं. इकबाल अंसारी बाबरी मस्जिद केस के मूल पेटिशनर हाशिम अंसारी के बेटे हैं.

कांग्रेसी नेता ने कहा कि हमें ‘भगवान पर भरोसा है लेकिन पीएम मोदी पर भरोसा नहीं है’ सिब्बल ने कहा कि हमें पीएम पर कोई भरोसा नहीं है. पीएम राम मंदिर नहीं बनवाएंगे, जब प्रभु की इच्छा होगी तभी राम मंदिर बनेगा.’

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