नई दिल्लीः बीते शुक्रवार का दिन इतिहास के पन्नों में सदा के लिए दर्ज हो गया. यह वो दिन था जब न्यायपालिका की एक तस्वीर ने पूरे भारत को हिला कर रख दिया. देश की सर्वोच्च न्यायालय के चार न्यायाधीशों ने आजाद भारत के इतिहास में पहली बार मीडिया के सामने खुलकर बात की. मामला न्यायिक व्यवस्थाओं में फैली अव्यवस्था से जुड़ा था, जिसमें चार वरिष्ठ जजों ने एक तरह से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे. जिसके बाद से इस मुद्दे पर पूरे देश में नए सिरे से एक बहस शुरू हो गई जो शनिवार को जस की तस रही. मगर न्यायिक व्यवस्था में उपजे इस विवाद को सुलझाने के लिए रविवार का दिन अहम साबित हो सकता है क्योंकि सूत्रों के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा बगावती तेवर दिखाने वाले न्यायाधीशों से आज मुलाकात कर सकते हैं.

बागी तेवर दिखाने वाले न्यायाधीशों जे. चेलामेश्वर, कुरियन जोसेफ, मदन लोकुर और रंजन गोगोई में से दो जजों ने शनिवार को विवाद सुलझाने की ओर इशारा भी किया है. जस्टिस रंजन गोगोई जहां शनिवार को कोलकाता में थे तो जस्टिस कुरियन जोसेफ अपने पैतृक घर कोच्चि पहुंचे थे. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए जज रंजन गोगोई ने कहा कि यह कोई संकट नहीं है. वहीं जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन मुद्दों को कोर्ट के अंदर ही सुलझाया जाएगा. जस्टिस कुरियन ने कहा कि एक मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया गया है और इस विवाद को बाहर सुलझाने की जरूरत नहीं है. हालांकि शनिवार को एक बार फिर उन्होंने इस बात को दोहराया कि सुप्रीम कोर्ट में सुधार की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘मेरे साथ चार अन्य वरिष्ठ जजों ने न्यायपालिका में लोगों का भरोसा जीतने के लिए ये काम किया है. हम न्याय और न्यायपालिका के पक्ष में खड़े हुए.’

जस्टिस रंजन गोगोई, कुरियन जोसेफ और अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल से मिल रहे संकेतों से इस विवाद पर सुलह के आसार नजर आ रहे हैं. अटर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने कहा कि यह विवाद जल्द सुलझा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह न्यायाधीश (जे. चेलामेश्वर, कुरियन जोसेफ, मदन लोकुर और रंजन गोगोई) बहुत प्रतिष्ठित लोग हैं और उन्हें उम्मीद है कि वह लोग अपने मतभेद आपस में स्वयं सुलझा लेंगे. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो रविवार को सभी जजों से बात करते हुए इस विवाद को खत्म कराने के प्रयास करेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को CJI से मुलाकात की कोशिश की लेकिन वह उनसे नहीं मिल पाए. बताया जा रहा है कि मिश्र करीब 5 मिनट तक CJI के आवास के बाहर खड़े रहे लेकिन यह मीटिंग नहीं हो सकी. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर इस बारे में कहा, ‘प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव के तौर पर नृपेंद्र मिश्रा चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के आवास 5, कृष्णन मेनन मार्ग गए थे. प्रधानमंत्री को निश्चित ही इसका जवाब देना चाहिए कि उन्होंने क्यों अपना विशेष दूत भेजा था.’

 

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