नई दिल्ली. संविधान दिवस के मौके पर संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि संविधान को पेश करने पर कांग्रेस का हक है. उन्होंने कहा कि आज संसद में वे बैठे हैं जिनका संविधान में कभी कोई योगदान नहीं रहा.

सोनिया गांधी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारतीय संविधान दशकों के संघर्ष का नतीजा है, महात्मा गांधी ने इस संघर्ष में बड़ा योगदान दिया था.

सोनिया ने कहा कि आंबेडकर जी ने संविधान की सभी मुख्य धाराओं और प्रावधानों की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला है. उन्होंने कहा कि अंबेडकर का उद्देश्य अनुसूचित जातियों और पिछड़ी जातियों के संघर्ष को आवाज देना था.

कांग्रेस अध्यक्ष ने असहिष्णुता के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि देश में पिछले दिनों जो भी देखा वो संविधान के मूल्‍यों के खिलाफ था.

उन्होंने कहा कि आज खुशी का दिन भी है, और दुख का भी, क्योंकि संविधान के आदर्शों पर आज जानबूझ कर हमला किया जा रहा है.

सोनिया ने कहा कि संविधान समिति को चार मुख्य हस्तियों ने दिशा दिखाई, इनमें जवाहल लाल नेहरू, सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद और मौलाना आजाद थे.

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