नई दिल्ली. केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के प्रबंधन के एक बयान को लेकर महिलाएं ट्विटर पर अपना गुस्सा ज़ाहिर कर रहीं हैं. बता दें कि मंदिर प्रबंधक त्रावणकोर देवासम बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा था कि युवा महिलाओं को मासिक धर्म की ‘समस्या’ के चलते मंदिर में जाने की अनुमति नहीं है. अगर ऐसी मशीन हो जो इसकी जांच कर सके तो अनुमति दी जा सकती है.
 

मंदिर प्रबंधन के इस बयान के बाद फेसबुक और ट्विटर पर जबरदस्त गुस्सा दिख रहा है, जहां सैकड़ों महिलाएं कह रही है कि उन्हें अपने शरीर पर गर्व है. दरअसल युवा महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में जाने की अनुमति नहीं होती. इसके दो मुख्य कारण महिलाओं का मासिक धर्म और भगवान अयप्पा का एक ब्रह्मचारी योगी होना माना जाता है. इस प्रथा के समर्थन में सबरीमाला देवासम बोर्ड के प्रमुख प्रयार गोपालकृष्णन ने कहा कि महिलाओं को मंदिर में तभी घुसने दिया जाएगा, जब कोई ऐसी मशीन आ जाएगी, जो ये जांच कर सके कि महिला का मासिक धर्म नहीं चल रहा.
 

खबरों के मुताबिक, गोपालकृष्णन ने कहा, ‘जिस दिन मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का ‘सही समय’ जांचने वाली मशीन ईजाद हो जाएगी, उस दिन से उन्हें सबरीमाला में प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी.’ गोपालकृष्णन की इस टिप्पणी के खिलाफ ट्विटर और फेसबुक पर कमेंट की झड़ी लग गई, जहां पुरुष और महिलाएं #HappyToBleed हैशटैग के साथ कमेंट कर रहे हैं. यह मुहिम 21 नवंबर से शुरू है, जिसमें महिलाओं से अपने प्रोफाइल या कैंपेन पेज पर प्लेकार्ड या सैनेटरी नैपकिन के साथ तस्वीरें डालने का आह्वान किया गया है। इसके तहत कई महिलाओं ने ट्विटर और फेसबुक पर अपने गुस्से का इजहार किया है.