नई दिल्ली. देश में मुसलमानों के सबसे बड़े संगठन जमीयत-ए-उलेमा हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने असहिष्णुता को लेकर चल रही बहस के बीच कहा कि मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहूंगा कि मुसलमानों के लिए भारत से बेहतर कोई देश नहीं है.

मौलाना मदनी ने पेरिस पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस्लाम में क्रिया की प्रतिक्रिया की कोई जगह नहीं है और इस्लाम के नाम पर मासूमों की हत्याएं करना, इस्लाम के नाम का दुरुपयोग करना है.

उन्होंने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि कुछ ‘तत्व’ जाने अनजाने में आतंकवादियों को जिहादी मानते हुए उनका रिश्ता इस्लाम से जोड़ देते हैं. जिहाद तो सकारात्मक काम है जो फसाद को खत्म करने के लिए होता है न कि बेकसूरों की जान लेने के लिए.

मदनी ने कहा कि जमीयत-ए-उलेमा हिंद देश के प्रमुख शहरों में कल आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन करेगी और जो इसके पीड़ित हैं उनसे हमदर्दी और संवेदना व्यक्त करने के लिए जुलूस निकालेगी.