अमृतसर. स्वर्ण मंदिर परिसर में धार्मिक टकराव रोकने के लिए पुलिस ने यहां और आस-पास के इलाकों में कुछ चरमपंथी सिख नेताओं को गिरफ्तार किया है. पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि अलगाववादी नेता मोखम सिंह, पूर्व आईपीएस सिमरनजीत सिंह मान और अमरीक सिंह अजनाला को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया. मोखम सिंह और मान को थाने ले जाया गया और अजनाला को उनके घर में नजरबंद किया गया है.
 
तनाव की स्थिति पैदा होने की वजह से हुईं गिरफ्तारियां 
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “नए नियुक्त किए गए जत्थेदार अपना पद संभालने की कोशिश कर सकते हैं. इससे स्वर्ण मंदिर परिसर और अन्य गुरुद्वारों में अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है. इससे बचने के लिए शीर्ष चरमपंथी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है.”
 
यह गिरफ्तारियां अमृतसर के पास चब्बा में सिखों के सम्मेलन ‘सरबत खासला’ के कुछ घंटे के बाद हुईं. सम्मेलन में सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त समेत तीन तख्तों के जत्थेदारों को हटाने जैसे विवादास्पद फैसले लिए गए. 
 
बेअंत सिंह के हत्यारे को अकाल तख्त का प्रमुख जत्थेदार बनाने का किया गया फैसला 
बता दें कि उम्र कैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को अकाल तख्त का प्रमुख जत्थेदार बनाने का फैसला किया गया है. हवारा पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के जुर्म में उम्र कैद काट रहा है. उसके जेल में होने की वजह से पूर्व सांसद धान सिंह मांड को कार्यवाहक मुख्य जत्थेदार बनाए जाने का ऐलान किया गया है.
 
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भंग करने का फैसला 
सरबत खालसा में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भंग करने का फैसला किया गया. पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख के.पी.एस गिल और आपरेशन ब्लू स्टार के कमांडर के.एस. बरार को ‘सिखों के नरसंहार’ का दोषी बताते हुए तनखैया घोषित कर दिया गया और इन्हें अकाल तख्त के सामने 20 नवंबर को पेश होने का हुक्म दिया गया है. बुधवार को सरबत खालसा में 50000 लोगों ने हिस्सा लिया. इनमें कांग्रेस नेता और चरमपंथी सिख भी शामिल थे.
 
स्वर्ण मंदिर परिसर में लहराई गईं तलवारें, काले झंडे दिखाए गए
अमृतसर. स्वर्ण मंदिर परिसर में बुधवार को तनाव पूर्ण माहौल रहा. चरमपंथी सिखों ने तलवारें लहराईं और काले झंडे दिखाए. ये लोग अकाल तख्त के प्रमुख जत्थेदार गुरबचन सिंह द्वारा दिवाली पर सिखों को संदेश देने का विरोध कर रहे थे. 
 
 IANS से भी इनपुट