नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीआरडीओ भवन में लीगल सर्विस डे कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि मेरा एक ही मंत्र है सबका साथ, सबका विकास और  सबका न्याय. उन्होंने कहा कि  मेरी कोशिश आम आदमी को लोक अदालतों की तरफ ले जाने की होती है.

कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि एक डॉक्टर अगर महीने में एक दिन मरीज का मुफ्त में इलाज करता है तो 29 दिन उसकी वाहवाही होती है. हमारे यहां सोच में बदलाव आए, इसकी जरूरत है. लीगल अवेयरनेस के साथ-साथ इंस्टिट्यूशंस भी अवेयर होने चाहिए. सरकार भी इस बारे में सोचेगी.

उन्होंने कहा कि आम आदमी यही सोचता है कि वकील के चक्कर में नहीं पड़ना है. वह सोचता है कि अन्याय झेल लूंगा लेकिन वकील के पास नहीं जाउंगा. लोक अदालत ने इस कमी को पूरा कर दिया है. इस वजह से आम आदमी को लगता है कि वह कोशिश कर सकता है. हम आम आदमी को लोक अदालतों की ओर कैसे डाइवर्ट करें, यह सोचना चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं गुजरात का सीएम था तो लोक अदालत में न्याय 35 पैसे में मिलता था, यह कामयाबी बड़ी थी. 15 लाख से ज्यादा लोकअदालत होना, साढ़े आठ करोड़ से ज्यादा लोगों को न्याय मिलना, ये बहुत बड़ा नंबर है. इसलिए इस व्यवस्था की अपनी एक ताकत है. आज कुछ नए इनिशिएटिव लिए जा रहे हैं. अगर शासन भी न्याय के प्रति सजग हो तो रस्ते खुल सकते हैं.