नई दिल्ली. आज दिल्ली में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के घर जनता परिवार के नेताओं की बैठक होगी. इस बैठक में विलय को अंतिम मंजूरी दी जा सकती है. जनता परिवार का विलय तब हो रहा है जब जब कुछ ही महीने बाद बिहार विधानसभा का चुनाव है जबकि 2017 में उत्तरप्रदेश विधानसभा का चुनाव होना है.
  
इसके तहत नए दल का नाम या तो समाजवादी जनता पार्टी या समाजवादी जनता दल और चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ रखा जा सकता है. आज मुलायम सिंह यादव के घर पर बैठक के बाद इसकी घोषणा की जा सकती है. बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव और पार्टी महासचिव केसी त्यागी के अलावा जद एस अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौडा, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, समाजवादी जनता पार्टी प्रमुख कमल मोरारका और इनेलोद नेता दुष्यंत चौटाला के साथ मुलायम सिंह के भाई रामगोपाल यादव के शामिल होने की उम्मीद है . नीतीश कुमार के मंगलवार शाम तक दिल्ली आने की उम्मीद है.
 
इससे पहले आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने कहा था कि जनता परिवार का विलय तय हो गया है और इसमें 6 पार्टियां होंगी, हालांकि लालू यादव ने यह भी कहा कि इस बाबत औपचारिक ऐलान सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव करेंगे. नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव ने पहले ही साफ कर दिया है कि जनता परिवार का विलय समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में होगा.
 
त्यागी ने कहा, ‘‘ हम अंतिम घोषणा के लिए बैठक कर रहे हैं. सभी दलों के नेताओं के बीच एक दूसरे से बातचीत हो गई है और सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है. हमें कल घोषणा होने की उम्मीद है.’’ सूत्रों ने बताया कि चर्चा के बाद इस बात पर सहमति बनी है कि नयी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल होगा. उल्लेखनीय है कि पांच अप्रैल को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने ‘एक झंडा, एक निशान’ का नारा देते हुए एक तरह से विलय का एलान किया था और भाजपा को बिहार आने की चुनौती दी थी.

इससे पहले लालू ने कहा था, ‘‘ जहां तक जनता परिवार और छह दलों का सवाल है, इनका विलय हो गया है और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे क्योंकि इसके लिए उन्हें अधिकृत किया गया है.’’ इसके अगले दिन ही जनता परिवार से जुड़े ये दल पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल को श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय राजधानी आए थे .
 
नीतीश कुमार ने इस विषय पर पिछले महीने जनता परिवार के नेताओं के साथ बैठकें की थी और तिहाड़ जेल जाकर इनेलोद प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला से मुलाकात की थी. जनता परिवार के विलय की सुगबुगाहट पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव के बाद से ही शुरू हो गई थी जब नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को चुनाव में जबर्दस्त जीत मिली थी और बिहार में जदयू और राजद तथा उत्तरप्रदेश में सपा और हरियाणा में इनेलोद को करारी पराजय का सामना करना पड़ा था.