मुंबई. महाराष्ट्र के वाशीम में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में बरती गयी लापरवाही के चलते 14 लोगों की आंखों की रोशनी चली गयी है जबकि करीब 32 लोगों ने आंखों में दर्द की शिकायत दर्ज कराई है. शुरुआती हालात को देखते हुए ऑपरेशन के वक़्त साफ़ उपकरण न इस्तेमाल किया जाने को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है. सरकार ने इस मामले में वाशीम डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के दो डॉक्टरों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं.
 
मरीज़ों का कहना है कि ऑपरेशन के कई दिन बाद उन्हें जब दिखाई देना शुरू नहीं हुआ तो वो वापस अस्पताल गए. वहां उन्हें अकोला जाने के लिए कहा गया जहां पता चला की उन्हें इन्फेक्शन हो गया है और दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा. सितंबर के महीने से वाशीम में मोतियाबिंद ऑपरेशन का सरकारी कैंप चल रहा था जहां कई लोगों के ऑपरेशन किये गए थे. बताया जा रहा है कि इन कैम्प में करीब 171 लोगों के ऑपरेशन किए गए थे. 
 
ऑपरेशन के कई दिन बाद भी इन मरीज़ों को दिखाई देना शुरू नहीं हुआ तो इन्हें जेजे अस्पताल भर्ती कराया गया. इस अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इन्हे लाने में बहुत देर हो गयी थी और अगर थोड़ा पहले लाया जाता तो इनमें से कुछ की आंखों की रौशनी वापस लायी जा सकती थी. जेजे के डीन डॉ टी पी लहाने ने कहा कि ‘मवाद की रिपोर्ट आने पर पता चला कि मरीज़ों को स्यूडोमोनाज़ नाम का इन्फेक्शन हो गया थे. ये इन्फेक्शन साफ़ सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स न इस्तेमाल करने की वजह से होता है, सही वजह पूरी जांच के बाद पता चलेगी.’