नई दिल्ली. अभिनेता शाहरुख़ खान के ‘असहिष्णुता’ वाले बयान पर बीजेपी की तरफ से हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय और योगी आदित्यनाथ के बाद अब BJP सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा है कि ED (प्रवर्तन निदेशालय) के नोटिस के बाद से ही शाहरुख के लिए देश का माहौल असहिष्णु हो गया है. लेखी ने बताया कि इसी 26 अक्टूबर को शाहरुख़ को ED ने नोटिस भेजा है. 
 
 
पुरस्कार लौटाने वाले लोग अनपढ़ हैं
लेखी ने आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से नोटिस मिलने के बाद अभिनेता ने इस तरह के विचार रखे हैं. हालांकि बीजेपी इससे पहले इस मामले में योगी आदित्यनाथ के बयान से दूरी बना चुकी है. लेखी ने देश में बढ़ती असहनशीलता के दावों पर पुरस्कार लौटाने वालों को अनपढ़ करार दिया और कहा कि कांग्रेस शासन में ऐसे लोगों को संरक्षण दिया गया.
 
लेखी ने कहा कि मैं चाहती हूं कि दुनिया जाने कि शाहरख को 26 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय का नोटिस मिला था और एक या दो नवंबर को भारत असहिष्णु हो गया. जब असहिष्णुता की बात आती है तो संभवत: ये वो अनपढ़ लोग हैं जिन्हें नहीं पता कि कांग्रेस के शासन में देश का इतिहास क्या था. नई दिल्ली से सांसद लेखी ने कहा कि शाहरुख खान तब क्यों नहीं बोले जब तसलीमा नसरीन को देश से बाहर निकालने की बातें हो रही थीं या सलमान रश्दी की किताब पर बैन लगाया गया था.
 
सिख दंगों और मिर्चपुर के वक़्त कहां थे
बीजेपी सांसद ने कहा कि उन्हें 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर और मिर्चपुर या गोहाना कांड पर अपनी आवाज उठानी चाहिए थी. कांग्रेस के सत्ता में रहते ऐसी अनेक घटनाएं घटीं लेकिन तब वह चुप थे. लेखी ने पार्टी सांसद योगी आदित्यनाथ के इन बयानों को भी सही ठहराने का प्रयास किया, जिनमें शाहरुख की तुलना लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से की गयी है.