नई दिल्‍ली. इंडोनेशिया के बाली में गिरफ़्तार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस के लोग दाऊद से मिले हुए हैं और उसे मुंबई पुलिस से जान का खतरा है. छोटा राजन ने कहा कि मुंबई पुलिस ने उस पर बहुत अन्याय किया है और उसके ख़िलाफ़ जो 70 मुकदमें हैं, सारे झूठे हैं. राजन ने ये भी कहा कि दिल्ली सरकार इस नजरिए से उसके मामले को देखे और उसे न्याय दे. छोटा राजन ने फिर दोहराया कि वो दाऊद से डरता नहीं है और ज़िंदगी भर उसके ख़िलाफ़ लड़ता रहेगा. 
 
भारत लाया जा सकता है राजन
छोटा राजन को भारत लाने की औपचारिकता अब अपने आखिरी दौर में है. बताया जा रहा है कि इंडोनेशिया में गिरफ़्तार किए गए अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को आज-कल में भारत लाया जा सकता है. उसे लाने की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं. गृह मंत्रालय के सूत्र ये जानकारी दे रहे हैं. सीबीआई के छह अधिकारियों ने जेल में उससे मुलाकात की थी.
 
अगला नंबर दाऊद का है
इस बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि छोटा राजन के बाद दाऊद की बारी है. इस बयान के साथ सीमा पार दाऊद की सुरक्षा की सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं. सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद अचानक सबकी नज़र भारत के मोस्ट वांटेड मुजरिम की तरफ मुड़ गई. बताया जा रहा है कि अचानक दाऊद इब्राहिम की सुरक्षा सीमा पार बढ़ा दी गई है.
 
छोटा राजन मुंबई नहीं दिल्ली पुलिस को मिलेगा!
भले ही छोटा राजन के ख़िलाफ़ मुंबई में ज़्यादा मामले दर्ज हैं, लेकिन हमारे सूत्रों के मुताबिक उसे पहले दिल्ली पुलिस को सौंपा जाएगा. खबर है कि केंद्र सरकार छोटा राजन का केस मुंबई पुलिस को सौंपना नहीं चाहती है. माना जा रहा है कि अगर छोटा राजन का मामला ठीक से नहीं संभाला गया तो भारतीय एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं. इंडोनेशिया गई सीबीआई की टीम में मुंबई पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की टीम भी है. राजन के ख़िलाफ़ दिल्ली में एक व्यापारी से जबरन वसूली के लिए धमकाने का मामला दर्ज है. दिल्ली पुलिस की टीम इस केस से संबंधित काग़जात लेकर बाली गई है.