नई दिल्ली. देश में हो रही सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की है. इस दौरान सोनिया ने मोदी सरकार की नीतियों और देश के माहौल को लेकर राष्ट्रपति से चर्चा की.
 
बताया जा रहा है कि करीब 45 मिनट चली मुलाकात के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति से मोदी सरकार को सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर कठोर कदम उठाने की सलाह देने का आग्रह भी किया.
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पूर्णिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए नीतीश-लालू के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने रैली में 1984 दंगों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों का कत्ल-ए-आम किया गया और वही कांग्रेस आज ‘टॉलरेंस’ पर भाषण दे रही है. अभी तक सिखों के आंसू नहीं पोछे गए हैं, वो हमें सहिष्णुता का पाठ पढ़ा रहे हैं. उन्हें सहिष्णुता के बारे में बोलने का अधिकार नहीं है.
 
इससे पहले सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पहले ही चिंता जता चुके है. उन्होंने कई कार्यक्रमों में देशवासियों को संबोधित करते हुए देश की एकता को बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने लोगों से कहा है कि सांप्रदायिक ताकतों का नाश होगा.