नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने बिहार में राजनीतिक दलों से आपसी नफरत पैदा कर सकने वाले और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक समुदायों के बीच शत्रुता लाने वाले विज्ञापन प्रकाशित नहीं करने को कहा है. सख्त शब्दों वाली एक हिदायत में आयोग ने बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) को राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों से चुनाव अधिकारियों को प्रिंट मीडिया में प्रकाशन के लिए भेजे गए विज्ञापन की एक प्रति भी मुहैया कराने को कहा है.
 
हिदायत में कहा गया है कि बिहार के प्रदेश सीईओ सभी राष्ट्रीय एवं राज्य पार्टियों को ऐसे विज्ञापन प्रकाशित न करने दें, जिनसे असौहार्द पैदा हो सकता हो और सामाजिक एवं धार्मिक तर्ज पर विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता पैदा होने की आशंका हो.
 
चुनाव आयोग को मिलीं शिकायतें
संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग ने विभिन्न शिकायतें मिलने के बाद शनिवार को यह हिदायत दी. शिकायतों में कहा गया है कि कुछ पार्टियों, उम्मीदवारों और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा जारी किए जा रहे विज्ञापनों में समाज के वर्गों के बीच मतभेद बढ़ाने की क्षमता है. आयोग ने कहा है कि बिहार सीईओ विभिन्न पार्टियों के प्रदेश अध्यक्षों को भी यह सुनिश्चित करने का निर्देश दें कि इस तरह के विज्ञापन बिहार में चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक प्रिंट मीडिया में प्रकाशित न हों.
 
बीजेपी के दो विज्ञापनों पर विवाद
आयोग ने यह भी कहा है कि सीईओ अखबारों को राज्य में चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसे विज्ञापन प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दें. बिहार में बीजेपी के दो विवादास्पद विज्ञापनों को प्रतिबंधित किए जाने के एक दिन बाद यह निर्देश आए हैं.