पुणे. देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ साहित्यकारों के पुरस्कार वापसी विरोध के बीच अब फिल्म निर्देशक दिबाकर बनर्जी, आनंद पटबर्धन समेत 12 फिल्मकारों ने FTII छात्रों के समर्थन में नेशनल फिल्म अवार्ड लौटाने की घोषणा कर दी है. 
 
बुधवार दोपहर FTII छात्रों ने 139 दिन पुरानी हड़ताल जब खत्म की थी तो ये कहा था कि अब फिल्मकारों, कलाकारों और दूसरे लोगों को हमारी लड़ाई को आगे बढ़ाना चाहिए. इस बयान से दिन में ही संकेत मिल गया था कि विरोध का दूसरा राउंड अब शुरू होगा.
 
 
दिबाकर बनर्जी को 2007 में खोसला का घोसला और 2009 में ओये लकी लकी ओये के लिए राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड मिला था. आनंद पटवर्धन को अलग-अलग फिल्मों के लिए अब तक 7 नेशनल अवार्ड मिल चुके थे.
 
इनके अलावा परेश कामदार, लिपिका सिंह, निष्ठा जैन, कीर्ति नखवा, हरीश कुलकर्णी, इंद्रनील लहिरी, राकेश शर्मा और हरि नायर ने भी नेशनल अवार्ड लौटाने की घोषणा की है.
 
इन लोगों के अलावा FTII के दो एलुम्नाई फिल्मकार प्रतीक वत्स और विक्रम पवार ने भी अपने नेशनल अवार्ड लौटाने की घोषणा की है जो उन्होंने संस्थान में पढ़ाई के दौरान ही फिल्म निर्माण के लिए  जीते थे.