नई दिल्ली. नॉन नेट स्कॉलरशिप को बंद करने को लेकर शुरू हुआ बवाल अभी थमता नज़र नहीं आ रहा है. मानव संसाधन एंव विकास मंत्री स्मृति ईरानी के स्कॉलरशिप बंद न किए जाने की घोषणा के बावजूद छात्र कई मुद्दों से अभी भी असहमत हैं और उन्होंने अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा है.
 
इसी दौरान मंगलवार देर शाम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के गेट पर धरना दे रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. धरना दे रहे छात्र संगठनों का कहना है कि लाठीचार्ज में करीब 15 लोग घायल हुए हैं जबकि करीब 40 छात्रों को पुलिस गिरफ्तार कर कमला नगर थाने ले गयी है.  छात्रों का आरोप है की पुलिस ने प्रदर्शन कर रहीं लड़कियों के साथ भी बदसलूकी की है. लाठीचार्ज में काई लोग बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं.
 
क्यों जारी है धरना
बता दें की सरकार और यूजीसी के स्कॉलरशिप बंद करने के फैसले से पीछे हटने के बावजूद छात्रों की मांग है कि स्कॉलरशिप की राशि को बढ़ाया जाए और पुराने छात्रों की भी स्कॉलरशिप को बंद नहीं किया किया जाए. प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही आईसा की अध्यक्ष सुचेता डे ने बताया कि यूजीसी चेयरमैन कह रहे हैं कि पुराने छात्रों की स्कॉलरशिप बंद नहीं होगी. इसके अलावा दिसंबर में स्कॉलरशिप पर गठित रिव्यू कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी, तब फैसला होगा. जबकि कमेटी की रिपोर्ट के मिनट्स यूजीसी की वेबसाइट पर अपलोड हैं जिनमें साफ कहा गया है कि 2016 सत्र में दाखिला लेने वाले एमफिल और पीएचडी के छात्रों की स्कॉलरशिप बंद की जाए. नॉन नेट स्कॉलशिप के लिए परीक्षा लेकर मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी. सभी छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं दी जाएगी. इससे रिसर्च का बंटाधार हो जाएगा. इसलिए हम यूजीसी और एमएचआरडी के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं.