नई दिल्ली. पिछले करीब 14 साल से पाकिस्तान में रह रही गीता सोमवार को भारत वापस लौट आई है. लेकिन उन्होंने अपने माता पिता और तीनों भाईयों को पहचानने से इंकार कर दिया है, जिसका दावा महतो का परिवार कर रहा है.  उसने अपनी शादी होने से भी इंकार किया है. गीता के इंकार के बाद उसके परिवार को लेकर गुत्थी उलझ गई है, जिसका खुलासा डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के आने के बाद होगा.
 
गीता की वापसी पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गीता का स्वागत किया है और बधाई देते हुए कहा कि भारत की बेटी का भारत में स्वागत है. गीता के साथ ईधी फाउंडेशन के पांच सदस्य भी भारत आए हैं.
 
गीता के आते ही दिवाली जैसा माहौल
गीता के घर वापसी से उत्साहित उसके भाई ने कहा है कि परिवार में अभी से दिवाली जैसा माहौल हो गया है. उनका कहना है कि गीता का आना उनके ऐसा ही है जैसे भगवान राम 14 साल के लिए वनवास के बाद अयोध्या वापस लौटे थे.
 
गीता के ब्लड की जांच
बता दें कि गीता के डीएनए की जांच के लिए एम्स के डॉक्टरों के एक दल ने ब्लड का नमूना लेकर हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (सीएफएसएल) भेजा है. महतो परिवार के ब्लड के नमूने पहले ही डीएनए की जांच के लिए भेजे जा चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक दो दिन में उसकी रिपोर्ट भी आ जाएगी.
 
भारत सरकार है सक्रिय 
गीता के मामले में भारत सरकार ने तत्परता दिखाई है. विदेश मंत्री व्यक्तिगत तौर पर इस पूरे मामले पर नजर रख रही हैं. उन्होंने साफ कर दिया कि गीता के परिवार के नहीं मिलने की सूरत में उन्हें दो वैकल्पिक स्थानों का चुनाव कर लिया है, जहां गीता को रखा जाएगा.