नई दिल्ली. करीब एक दशक पहले दुर्घटनावश सीमा पार कर पाकिस्तान चली गई और वहीं रह रही मूक-बधिर भारतीय महिला गीता आज सुबह एक विशेष विमान से भारत वापस लौट आयीं हैं. इस संबंध में दोनों देशों की सरकारों ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. गीता करीब सवा दस बजे दिल्‍ली एयरपोर्ट पर पहुंच चुकी हैं और उन्हें वहां से DNA टेस्ट के लिए ले जाया गया है.
 
दिल्‍ली पहुंचने पर गीता के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई है. गीता के स्वागत के लिए भारतीय अधिकारियों के अलावा पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित भी अपनी पत्नी के साथ मौजूद रहे. वहीं गीता की विदाई से पहले पाकिस्तान में ईदी फाउंडेशन की तरफ से खास इंतजाम किए गए. गौर हो कि पाकिस्तान में ईदी फाउंडेशन ही गीता की देखभाल कर रहा था. इस फाउंडेशन के कुछ लोग भी गीता के साथ आ रहे हैं.
 
पाकिस्तानी जनता को शुक्रिया
नई दिल्ली जाने के लिए विमान में सवार होने से पहले बेहद खुश नजर आ रही गीता ने पाकिस्तानी जनता का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने इतने साल तक उसका ख्याल रखा. ईदी फाउंडेशन के फैज़ल एदी ने संवाददाताओं को बताया कि वे सोशल मीडिया के जरिए गीता के संपर्क में बने रहेंगे और यहां तक कि उससे मिलकर भी आया करेंगे. उन्होंने कहा, ‘वह हमसे वास्तव में अलग नहीं हो रही है.’
 
गीता के साथ आए उनके पाकिस्तानी परिजन
ईदी फाउंडेशन के अनवर काजमी के अनुसार फैसल एदि समेत पांच लोगों को वीजा दिया गया है, लेकिन गीता के साथ केवल चार लोग जा रहे हैं. उन सभी को राजकीय अतिथि घोषित किया गया है. फाउंडेशन के फहाद ईदी ने कहा, ‘गीता के साथ वह, उनके पिता फैसल एदि, उनकी मां और उनकी दादी बिलकिस एदि भी आ रही है.
 
डीएनए टेस्ट के बाद परिवार को मिलेगी गीता
फहाद ने कहा, ‘हमें आश्वासन दिया गया है कि हम तब तक नई दिल्ली में ही रहेंगे, जब तक भारतीय अधिकारी गीता की डीएनए जांच पूरी नहीं कर लेते.’ उन्होंने कहा, ‘उसने भारतीय उच्चायोग द्वारा हमें भेजी गई तस्वीर की पहचान अपने परिवार की तस्वीर के तौर पर की.’ उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अगर डीएनए जांच में इस परिवार के गीता का परिवार नहीं होने की पुष्टि हुई तो उसे सुरक्षित आश्रय में रखा जाएगा.