गुड़गांव. पाकिस्तानी कलाकारों के लिए शिवसेना का विरोध अब मुंबई के बाद गुड़गांव आ पहुंचा है. गुड़गांव में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए शिवसेना के कथित कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी कलाकारों के एक नाटक को होने से रोका. 
 
शिवसेना के कार्यकर्ता होने का दावा करते हुए करीब पांच-छह युवक गुड़गांव के एक थियेटर के मंच के उपर चढ़ गए. यहां सात पाकिस्तानी अभिनेताओं का एक समूह ‘बांझ’ नाम के एक नाटक का मंचन कर रहा था.  इस विरोध के दौरान शिव सैनिकों ने पाकिस्तान के झंडे भी नीचे गिरा दिए और हंगामा करने लगे.कार्यक्रम गुड़गांव के ओपन एयर थियेटर में चल रहा था.
 
एक अधिकारी के अनुसार, शिवसेना के कथित कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए और करीब पांच-दस मिनट तक शो को बाधित किया. 
 
शिवसेना पाकिस्तानी कलाकारों की फिल्मों का विरोध करेगी 
शिवसेना के निशाने पर अब पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान और माहिरा खान भी हैं. शिवसेना ने धमकी दी है कि किसी भी पाकिस्तानी कलाकार को मुंबई में किसी भी तरह के प्रोग्राम का प्रमोशन नहीं करने देंगे.
 
शिवसेना की धमकी, पाकिस्तानी कलाकारों को नहीं घुसने देंगे मुंबई में
 शिवसेना की धमकी के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सीरीज पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शहरयार खान कह चुके हैं कि उन्हें अब सीरीज की उम्मीद नहीं है.
 
शिवसेना के विरोध के बाद गुलाम अली का शो रद्द किया गया 
शिवसेना के विरोध के कारण ही गुलाम अली का शो रद्द कर दिया गया था. इसके बाद पार्टी ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की किताब की लॉन्चिंग के विरोध में सुधींद्र कुलकर्णी पर कालिख पोत दी थी जिसके कारण देवेन्द्र फड़णवीस ने शिवसेना को फटकार लगाई थी. 
 
शिवसेना के विरोध के बाद अकरम और शोएब कमेंट्री से हटे
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष शहरयार खान के विरोध के बाद BCCI ने फैसला किया है कि साउथ अफ्रीका और भारत के बीच खेले जाने वाले आखिरी वनडे मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पूर्व पाक क्रिकेटर वसीम अकरम और शोएब अख्तर कमेंट्री नहीं करेंगे. BCCI ने यह कदम दोनों खिलाडियों की सुरक्षा के मद्देनज़र उठाए हैं. 
 
जेटली का हमला, शिवसेना के विरोध का तरीका दुर्भाग्यपूर्ण 
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को शिवसेना पर हमला करते हुए कहा था कि विरोध करने का तरीका लोकतान्त्रिक होना चाहिए. तर्कों से साथ अपनी बात रखनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा था कि पब्लिसिटी के लिए हंगामा न करें. उन्होंने इन सभी घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.