नई दिल्ली. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने उत्तर भारतीयों को लेकर कहा है कि वह दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल तेजेंदर खन्ना के इस बयान से सहमत हैं कि उत्तर भारत के लोग नियम-कायदे तोड़ने में गर्व महसूस करते हैं और उन्हें ऐसा करके मजा आता है.
 
पुलिस से जुड़े विषयों पर एक थिंक टैंक के उद्घाटन से इतर रिजिजू ने कहा कि कुछ साल पहले दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल के बयान से वह इत्तेफाक रखते हैं. रिजिजू ने कहा कि पूर्व उपराज्यपाल ने कहा था कि उत्तर भारत के लोगों को नियम तोड़ने में मजा आता है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी लेकिन मेरा मानना है कि उनकी बात सही थी.
 
पुलिस अधिकारी को धमकाने को दिलेरी समझते हैं लोग- रिजिजू
 
रिजिजू ने कहा, “यहां के लोग एक पुलिस अधिकारी को धमकाना दिलेरी समझते हैं. पूरे समाज को बदलने की जरूरत है. हर बात के लिए पुलिस को दोष देना ठीक नहीं. बहुत से लोग कहते हैं कि पुलिस बहुत रूखा व्यवहार करती है. पुलिस तभी बेरुखी से पेश आती है जब कोई नागरिक अनुशासनहीनता करता है. एक आम कहावत है कि डंडा जब तक नहीं पड़ेगा लोग सुधरते ही नहीं हैं. लेकिन अगर नागरिक ठीक नहीं हैं, अनुशासनहीन हैं, दस बार बोलने के बाद भी नहीं मानते हैं तो फिर डंडा तो चलाना पड़ेगा.”
 
रिजिजू ने केजरीवाल को कोसा, तेजेंदर खन्ना को सही ठहराया
 
रिजिजू का यह बयान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान के जवाब में आया है कि जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली की पुलिस सर्वाधिक भ्रष्ट है. उन्होंने कहा, “केजरीवाल हमेशा कहते हैं कि दिल्ली पुलिस ने ये या वो नहीं किया लेकिन आप खुद नहीं सुधरेंगे तो पुलिस क्या करेगी.”
 
फरवरी, 2008 में दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल तेजेंदर खन्ना ने कहा था कि उत्तर और पश्चिम भारत के लोगों की यह विशेषता है कि कानून तोड़ने और नियमों का उल्लंघन करने में वह अपनी शान समझते हैं. हालांकि कांग्रेस और भाजपा के भारी विरोध के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था.