फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में दलित परिवार को जिंदा जलाने के बाद दो बच्चों की हुई मौत वाला मामला तूल पकड़ता जा रहा है. प्रशासन के तसल्ली देने के बाद आखिरकार परिवार दोनों बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गया है. पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्कार बुधवार शाम को होगा. उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए गांव में जाने वाले थे, लेकिन विरोध के चलते उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया है.
 
बुधवार सुबह से ही ग्रामीण काफी गुस्से में थे और वे जिद पर अड़े हुए थे कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता वे बच्चों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और उन्होंने नेशनल हाईवे जाम कर दिया था. दोपहर को उन्होंने बच्चों के शवों को लेकर दिल्ली-आगरा हाईवे की तरफ मार्च किया. पुलिस का कहना है कि परिवार को बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए मनाने के बाद लोग जाम खत्म करने को तैयार हुए. हालांकि कुछ गांववालों का आरोप है कि पुलिस ने जबरदस्ती उनका प्रदर्शन खत्म करवाया. 
 
बता दें कि हरियाणा में बीजेपी का शासन है और केंद्र में भी बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार दोपहर को उस गांव का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, बीजेपी और आरएसएस का यही रवैया है कि जो कमजोर है उसे दबाओ. यह सरकार गरीबों के लिए नहीं है. बता दें कि कथित तौर पर उच्च जाति के लोगों ने दलितों के घरों में आग लगा दी थी, जिसमें ढाई साल के वैभव और 11 महीने की दिव्या की मौत हो गई थी. बच्चों की 28 वर्षीय मां भी 70 फीसदी जली हुई हालत में जिंदगी की जंग लड़ रही है. बच्चों के पिता भी कई जगह से झुलसे हुए हैं.