नई दिल्ली. मेक इन इंडिया पर जोर देने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ चीन से बनवा रहे हैं. बताया जा रहा है कि देश के जाने-माने मूर्तिकार राम सुतार और अनिल सुतार दो दिन पहले ही चीन में बन रही पटेल की मूर्ति के कामकाज का मुआयना कर लौटे हैं. इस मामले में उनके दोबारा से चीन जाने के आसार है. 
 
 L&T कंपनी ने मूर्ति बनाने का जिम्मा चीन में सबसे बड़े ढ़ालाईघर को दिया गया है. भारत में 4,600 ढ़लाईघर हैं इसमें लगभग पांच लाख लोग काम करते हैं. इनमें काम करने वाले लोगों की तादाद में भारत का नंबर चीन के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर हैं.
 
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जब चीन से ही भारत के लौह पुरूष की मूर्ति, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनवानी थी तो मेक इन इंडिया का इतना ढोल सरकार क्यों पीट रही है. कांग्रेस ने सवाल पूछा कि क्या देश में हमें अपने नेता की मूर्ति बनाने तक की योग्यता और कार्य कुशलता नहीं है? 
 
आपको बता दें कि 31 अक्टूबर 2013 को सरदार पटेल की जयंती के मौके पर पीएम और तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में पटेल के स्मारक का शिलान्यास करते हुए वहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने की घोषणा की थी.यह मूर्ति अमेरिका की 93 मीटर की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी ऊंची बनाई जाएगी.