लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुहर्रम के मौके पर लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट के तहत आने वाले इमामबाड़ा और बाकी इलाके में काले झंडे और बैनर लगाने पर रोक लगा दी है. लखनऊ के डीएम राजेशखर ने रोक लगाई थी तो सिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे.
 
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जस्टिस दिनेष महेश्वरी और अनंत कुमार की पीठ ने कल्बे जव्वाद की याचिका खारिज कर दी और जिला प्रशासन के आदेश को सही ठहराया. हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्ति पर विवाद है और इसको लेकर हाईकोर्ट में मुकदमा चल रहा है. इस समय इस ट्रस्ट की संपत्ति की देख-रेख का काम जिला प्रशासन को मिला हुआ है.
 
डीएम राजकिशोर द्वारा ट्रस्ट की संपत्ति पर काले झंडे और बैनर लगाने से रोक के खिलाफ लखनऊ में बुधवार को ही कल्बे जव्वाद के नेतृत्व में जुलूस निकाला था और सरकार विरोधी नारे लगाए थे. इन लोगों का कहना है कि 100 साल से भी ज्यादा समय से ये लोग इन इलाकों में काले झंडे लगाते आ रहे हैं.
 
कल्बे जव्वाद ने इसके पीछे राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री आज़म खां का हाथ बताया और कहा कि शिया धार्मिक संगठन हर साल की तरह इस साल भी मुहर्रम के मौके पर हुसैनाबाद ट्रस्ट की सारी संपत्तियों पर होर्डिंग और बैनर लगाएंगे.