नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लोगों को रिश्वत लेने पर उकसाने के लिए एक वकील ने उनके खिलाफ अपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी. उसी वकील ने इस मामले में निर्वाचन अधिकारियों को गवाह के रूप में तलब करने के लिए बुधवार को एक याचिका दाखिल की है. दिल्ली के तीस हजारी न्यायालय के वकील अरुण कुमार ने केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मतदाताओं को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से रिश्वत लेकर आम आदमी पार्टी (आप) को वोट देने के लिए उकसाया था. 
 
कुमार ने महानगर दंडाधिकारी बबरू भान से अनुरोध किया कि निर्चाचन आयोग के अधिकारियों को उन नोटिसों के साथ शिकायतकर्ता के गवाह बनने के लिए सम्मन जारी किया जाए, जो नोटिस आयोग ने केजरीवाल को ऐसी टिप्पणियां न करने के लिए जारी किए थे. 
 
अदालत ने इस याचिका पर विचार करने के लिए चार दिसम्बर की तिथि तय की है.
 
वकील ने कहा कि यह जानते हुए भी कि रिश्वत लेना, देना अपराध है, केजरीवाल ने मतदाताओं को धन लेने के लिए उकसाया था.
 
वकील ने कहा कि केजरीवाल ने 18 जनवरी को उत्तम नगर में और फिर दोबारा 22 जनवरी को कृष्णा नगर में ऐसी टिप्पणियां की थीं.
 
निर्वाचन आयोग ने केजरीवाल को ऐसी टिप्पणियां न करने के लिए तीन नोटिस जारी किए थे.