नई दिल्ली. दिल्ली में डेंगू ने 19 साल पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है. इस साल 10 अक्टूबर तक डेंगू के 10683 मामलों की पुष्टि हुई है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बीते 19 साल में डेंगू के इतने मामले कभी सामने नहीं आए.
 
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले डेंगू ने 10,000 का आंकड़ा 1996 में पार किया था. 1996 में राजधानी में डेंगू के 10252 मामलों की पुष्टि हुई थी.
 
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के शहर गाजियाबाद और हरियाणा के गुड़गांव और फरीदाबाद में कुल मिलाकर डेंगू के 646 मामले सामने आए हैं. दिल्ली नगर निगम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते एक हफ्ते में 3077 मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि हुई है.
 
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू से आधिकारिक रूप से 30 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है. अगर गैर सरकारी आंकड़ों की मानें तो इस साल डेंगू की वजह से 85 मरीजों की मौत हो चुकी है. अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक डेंगू से रविवार को एक किशोर और एक 41 साल के आदमी की मौत हो गई.
 
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ए.के.गढ़पहिले का कहना है कि हमारे अस्पताल में बुखार के मामले अधिक आ रहे हैं. इस मामले पर करीबी निगाह रखी जानी चाहिए. अगस्त के मध्य में बीमारी के मामले कम हो गए थे लेकिन अब फिर बढ़ने लगे हैं. ठंड बढ़ने के साथ डेंगू के मामले अपने आप कम हो जाएंगे.
 
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक सीनियर डॉक्टर का कहना है कि डेंगू अब बेकाबू लग रहा है. इस साल जितने मामले सामने आए हैं उसे देखते हुए यह साफ है कि नागरिक प्रशासन छिड़काव जैसे आसान उपायों पर ही अब निर्भर नहीं रह सकता. यह बीमारी हर मानसून के मौसम की नियमित समस्या बन चुकी है.
 
IANS