नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड के मुख्य दोषियों पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे विकास यादव और भांजे विशाल यादव को मौत की सजा देने से इंकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सजा को फांसी में बदलने की नीलम कटारा की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी है. 
 
क्या है मामला? 
आपको बता दें कि विशाल और विकास ने फरवरी 2002 में नीतीश कटारा की हत्या कर दी थी. हाई कोर्ट ने इस मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए 30 साल कैद की सजा सुनाई थी. नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विशाल और विकास को फांसी की सजा देने की मांग की. इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. 
 
जघन्यतम अपराध या ऑनर किलिंग के नाम पर हत्या का मामला नहीं 
न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर और न्यायमूर्ति आर.बानुमती की बेंच ने कहा कि हालांकि वह हत्या थी और वह पूर्व-नियोजित भी हो सकती है, लेकिन यह जघन्यतम अपराध या ऑनर किलिंग के नाम पर हत्या का मामला नहीं है. 
 
हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
नीलम कटारा ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर सवाल खड़े करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें विकास और विशाल दोनों को पहले 25 साल और फिर पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी. 
 
दिल्‍ली पुलिस ने भी फांसी की सज़ा की मांग की थी
हाइकोर्ट ने इसे ऑनर किलिंग का मामला माना था और निचली अदालत के फैसले को कायम रखा था. नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा और दिल्ली पुलिस ने इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर क्राइम बताते हुए दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी.